जयपुर, एक अप्रेल अस्पतालों की श्रेणी में देश का सबसे बड़ा आईपीडी टावर और सभी श्रेणियों में प्रदेश की सबसे ऊंची इमारत के साथ-साथ ‘इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज’ जयपुर के सवाई मान सिंह चिकित्सालय में अगले 32 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। राजस्थान में मेडिकल शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 22 मंजिला आईपीडी टावर का शिलान्यास पांच अप्रैल को होगा और इसके साथ ही मेडिकल क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के लिए दो दिवसीय निरोगी राजस्थान मेडिफेस्ट-2022 का आयोजन किया जाएगा तथा चिकित्सा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां दर्शाने वाली स्वास्थ्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
एक सरकारी बयान में गालरिया ने कहा कि एसएमएस अस्पताल कॉटेज वार्ड की जगह यह 22 मंजिला आईपीडी टावर अगले 32 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि दो चरणों में बनने वाले इस टावर के प्रथम चरण में 12 मंजिल का कार्य किया जाएगा।
गालरिया के मुताबिक, इसी दिन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज का भी शिलान्यास होगा, जिसमें कुल छह ओपीडी रूम, 34 जनरल बेड, 53 आईसीयू, पांच कैथ लैब और तीन ऑपरेशन थिएटर प्रस्तावित हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड पर दो दिवसीय प्रदर्शनी एवं निरोगी राजस्थान मेनिफेस्टो-2022 का आयोजन भी किया जाएगा।
गालरिया के अनुसार, मेनिफेस्टो आमजन के लिए ऐसा मंच है, जहां विभिन्न प्रकार की बीमारियों के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टरों से संवाद कर समाधान पाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय प्रदर्शनी में चिकित्सा विभाग और मेडिकल कॉलेज के अधिकारी अपनी उपलब्धियों को पोस्ट, मॉडल और उपकरणों के माध्यम से दर्शाएंगे।
यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए पांच और छह अप्रैल को आयोजित होगी।
गालरिया ने बताया कि डीओआईटी के माध्यम से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।
वहीं, जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त गौरव गोयल ने बताया कि 588 करोड़ की लागत से बनने वाले इस टावर में 16 लिफ्ट होंगी और छत पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग की भी व्यवस्था होगी, ताकि अंग प्रतिरोपण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि एसएमएस अस्पताल के सभी विंग टावर से जुड़े रहेंगे, जिससे किसी भी कार्य के लिए भवन के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त आईपीडी टावर चिकित्सा क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक मिसाल साबित होगा।
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