देश की खबरें | मप्र के मुख्यमंत्री ने नर्मदा जयंती पर गौरव दिवस के रूप में की जैत गाँव के जन्मदिन की शुरुआत

भोपाल, आठ फरवरी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नर्मदा जयंती के दिन सीहोर जिला स्थित अपने गृह ग्राम जैत से प्रदेश के सभी गाँव और शहरों का जन्मदिन ‘गौरव दिवस’ के रूप में वर्ष में एक दिन मनाने की शुरूआत की।

उन्होंने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया कि वे मिल-बैठकर अपने शहर और गाँव के विकास की योजना बनाएं।

इस अवसर पर चौहान और उनके गृह ग्राम जैत के ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि जैत को देश के सबसे अच्छे गाँवों में से एक बनाया जाएगा।

चौहान ने गाँव और शहर का जन्म-दिन ‘गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार की योजनाएँ स्थानीय जन की सहभागिता के बिना पूरी होना संभव नहीं हैं, इसलिए अब तय किया गया है कि स्थानीय लोगों की समितियाँ बनाकर सभी सरकारी कामों में सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जो अन्य व्यवसाय के कारण गाँव और शहर से अन्यत्र चले गए हैं, वे भी एक दिन आएं और मिल-बैठकर अपने शहर तथा गाँव के विकास की योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि अनेक कार्यों में स्थानीय जन भी सहयोग कर सकते हैं।

चौहान की पहल पर गाँव के नर्मदा घाट पर ग्रामसभा ने ग्रामीणों की सहमति से जीवन से जुड़े लगभग एक दर्जन से अधिक कामों को आगामी एक वर्ष में पूर्ण करने का प्रस्ताव पारित किया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामसभा में प्रस्ताव रखा कि जैत में जन्म लेने वाला कोई भी बच्चा अब कुपोषित नहीं होगा।

ग्रामीणों की सहमति से तय किया गया कि गाँव में पोषण मटका रखा जाएगा और ग्रामीण यथा-शक्ति अनाज देकर बच्चों के पौष्टिक भोजन का इंतजाम करेंगे।

चौहान के समक्ष ग्रामसभा में प्रस्ताव रखा गया कि स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, धर्मशाला, स्कूल भवन आदि का निर्माण भी किया जाए। इस दौरान भवन निर्माण के लिए शासकीय भूमि नहीं होने की समस्या बताई गई। चौहान के आह्वान पर गाँव के ही ताहर सिंह ने अपनी जमीन शासकीय भवन निर्माण के लिए देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि किसी की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी और शासकीय तथा निजी जमीन की अदला-बदली भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह अपनी जमीन भी बदले में देने के लिए तैयार हैं।

ग्रामसभा में जैत को सबसे स्वच्छ ग्राम बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। गाँव के बीच जब गीले और सूखे कचरे के लिए कूड़ेदान रखने का प्रस्ताव आया तब मुख्यमंत्री के बेटे कुणाल सिंह चौहान ने अपनी संस्था सुंदर ट्रस्ट की ओर से गाँव में कूड़ेदान रखवाने पर सहमति दी।

यह भी तय किया गया कि नालियों के गंदे पानी के शोधन के लिए संयंत्र बनाया जाएगा और कचरे के निष्पादन के लिए नर्मदा किनारे खाद निर्माण के लिए बड़ा गड्ढा बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्रामसभा में प्रस्ताव रखा कि महिला सशक्तीकरण जैत की पहचान बने।

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