देश की खबरें | सीबीआई ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में सीमा शुल्क उपायुक्त, निर्यातक को गिरफ्तार किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, दो नवंबर शुल्क वापसी की योजना का लाभ उठाने के मकसद से बांग्लादेश को ‘गैस्केट’ के निर्यात में कथित फर्जीवाड़ा करने के तीन साल पुराने मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को कोलकाता में एक सीमा शुल्क उपायुक्त और एक निर्यातक को गिरफ्तार कर लिया।

अधिकारियों ने बताया कि सीमा शुल्क उपायुक्त विकास कुमार और निर्यातक ज्योति बिस्वास को सीबीआई ने 2017 में विभाग की ओर से मिली शिकायत के आधार पर सोमवार को हिरासत में ले लिया।

यह भी पढ़े | राजस्थान: कोरोना मरीजों की सेहत को देखते हुए पटाखे फोड़ने पर 31 दिसंबर तक लगी रोक: 2 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा कि आरोप है कि आरोपियों ने एक-दूसरे की मदद से निर्यात दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर इन्हें वास्तविक दस्तावेजों के रूप इस्तेमाल किया और 2014 में नकली कंपनियों के नाम बांग्लादेश को फर्जी ‘गैस्केट’ निर्यात के बदले शुल्क वापसी की योजना के लाभ के रूप में बड़ी राशि प्राप्त की।

अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य मामले में 100 करोड़ रुपये मूल्य की चंदन की लकड़ी की अवैध तस्करी की कोशिश के आरोप में सीबीआई ने सीमा शुल्क अधीक्षक संदीप कुमार दीक्षित और एक अन्य व्यक्ति सुधीर झा को गिरफ्तार कर लिया।

यह भी पढ़े | Gujarat: वडोदरा में स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु ने तीन साल तक किया नाबालिग से रेप, केस दर्ज.

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मामला 2016 में कोलकाता बंदरगाह स्थित एन एस डॉक से 100 करोड़ रुपये मूल्य की 240 मीट्रिक टन प्रतिबंधित वस्तु, चंदन की लकड़ी के निर्यात और निर्यात की कोशिश के आरोपों से जुड़ा है।’’

उन्होंने कहा कि इस संबंध में सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग से शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 23 दिसंबर 2017 को मामला दर्ज किया था।

प्रवक्ता ने बताया कि सभी चारों आरोपियों को मंगलवार को कोलकाता में विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)