मथुरा, 28 अक्टूबर जिले की एक अदालत ने राजद्रोह और अन्य आरोपों में गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से एक की जमानत याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार तक के लिए टाल दी है। इन लोगों को हाथरस जाते समय पकड़ा गया था।
सरकारी वकील नरेंद्र शर्मा के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए सिंह ने आदेश दिया कि चूंकि दो सह-आरोपियों की जमानत याचिका पर 29 अक्टूबर को फैसला होना है और मसूद अहमद को भी समान आरोपों में नामजद किया गया है, इसलिए उसकी जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजू राजपूत ने 20 अक्टूबर को केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन सहित चारों आरोपियों की न्यायिक हिरासत दो नवंबर तक बढ़ा दी थी।
एसटीएफ निरीक्षक राजेश कुमार पालीवाल ने मसूद का 10 दिन का रिमांड मांगा, लेकिन जिला न्यायाधीश ने कहा कि वह इस आग्रह को कल होने वाली सुनवाई के दौरान ही सुनेंगे।
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न्यायाधीश ने कहा, ‘‘अपना आग्रह 29 अक्टूबर को प्रस्तुत करें जब समान आरोपों में दो सह-आरोपियों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी।’’
सहायक जिला लोक अभियोजक शर्मा ने कहा कि तीन आरोपियों-अतीक उर रहमान, आलम और मसूद की जमानत याचिकाओं पर अब कल फैसला होगा।
इससे पहले, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मथुरा ने 16 अक्टूबर को उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सात अक्टूबर को चारों लोगों को राजद्रोह और अन्य आरोपों में नामजद किया था। उन्हें तब पकड़ा गया था जब वे हाथरस जा रहे थे, जहां एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी। इस लड़की ने बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
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