नयी दिल्ली, नौ जून केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण की औसत समय सीमा 2021 में 32 दिन से घटकर अब 17 दिन हो गई है।
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय रोजगार मेला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक अनूठी अवधारणा का हिस्सा है जिसने सरकार की भर्ती प्रक्रिया को संस्थागत बना दिया है।
कार्मिक राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि ज्यादातर प्रशासनिक और शासन सुधार युवा केंद्रित हैं और रोजगार मेला युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान करने के लिए एक प्रमुख और अनूठी पहल के रूप में है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से रोजगार के लाखों अवसर पैदा होते हैं।
शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही के बारे में उन्होंने कहा कि मजबूत शिकायत निवारण तंत्र स्वच्छ और प्रभावी सरकार के लिए मानदंड है।
मंत्री ने कहा, ‘‘शिकायतों के निस्तारण में सुधार और समय सीमा को कम करने के लिए 10-चरणीय सीपीजीआरएएमएस सुधार प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसके कारण साप्ताहिक निपटान दर 95 से 100 प्रतिशत तक हो गई है। केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों का औसत निस्तारण समय 2021 में 32 दिन से बढ़कर 2022 में 27 दिन, अप्रैल 2023 में 17 दिन हो गया है।’’
सीपीजीआरएएमएस या केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली के जरिये नागरिक सरकारी विभागों के खिलाफ ऑनलाइन शिकायतें दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सालाना औसतन 20 लाख शिकायत दर्ज की जाती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 19.18 लाख जन शिकायत दर्ज की गईं; 2021 में दो लाख; 2020 में 22.71 लाख; और 2019 में 18.67 लाख शिकायत दर्ज की गई।
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