देश की खबरें | जिला प्रशासन की मध्यस्थता में विश्वविद्यालय प्रशासन से मिलेंगे आंदोलनकारी छात्र

प्रयागराज, दो अक्टूबर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को एक बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी और चार अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ छात्रों की वार्ता कराने का आश्वासन दिया।

यहां कलेक्ट्रेट के संगम सभागार में करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने संवाददाताओं को बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छात्रों की इस बैठक में उनकी समस्याओं को सुना गया और संभवतः चार अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ छात्रों की वार्ता कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन बातचीत के लिए एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है ताकि मुद्दों को हल किया जा सके और पठन पाठन सुचारू ढंग से चल सके। छात्रों को समझाया गया कि वे अपनी बातों को शांतिपूर्ण ढंग से रखें और हिंसा का सहारा ना लें।

बैठक के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जिला प्रशासन ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया था, जिसमें सभी छात्रसंघ के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन ने गांधी जयंती पर सभी छात्रों से अहिंसा की अपील की।

उन्होंने बताया कि इस बैठक में अंततः यह निर्णय हुआ कि आंदोलन कर रहे छात्रों की विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ वार्ता कराई जाएगी और यह सराहनीय कदम है कि कम से कम संवाद कायम हुआ।

यादव ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि फीस वृद्धि वापस लेकर उसे पूर्व स्तर पर रखा जाए और यदि आगामी बैठक में फीस वृद्धि घटाकर 200 प्रतिशत या 100 प्रतिशत करने की बात की जाती है तो यह हमें कतई स्वीकार नहीं होगा और हम आंदोलन जारी रखेंगे।

बैठक में जिलाधिकारी संजय खत्री, आईजी राकेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक (नगर) संतोष कुमार मीणा उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर की शिक्षा की फीस प्रति छात्र 975 रुपये प्रतिवर्ष थी जिसे हाल ही में 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ाकर 4,151 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।

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