जरुरी जानकारी | तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे के निजीकरण को लेकर थरूर अपने रुख पर कायम, कहा; क्षमता विस्तार होगा

तिरुवनंतपुरम, 22 अगस्त कांग्रेस नेता शशि थरूर ने यहां के हवाईअड्डे को अडाणी एंटरप्राइजेज को पट्टे पर दिए जाने के केंद्र के फैसले को एक बार फिर से उचित ठहराते हुए कहा है कि इससे हवाईअड्डे की क्षमता विस्तार करने में मदद मिलेगी और निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।

थरूर को त्रिवेंद्रम हवाईअड्डे के निजीकरण के फैसले का समर्थन करने की वजह से न केवल वाम दलों बल्कि अपनी पार्टी की ओर से भी आलोचनाएं झेलनी पड़ रही है।

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आलोचनाओं को नजरअंदाज करते हुए थरूर अपने रुख पर कायम हैं।

राज्य के वित्त मंत्री थॉमस इसाक के ट्वीट का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने शनिवार को ट्वीटर पर कहा कि त्रिवेंद्रम हवाईअड्डे पर मेरी राय की ध्यानपूर्ण आलोचना करने के लिए आपका धन्यवाद। मुझे लगता है कि आप बात समझे नहीं, जो राजस्व के बारे में नहीं है।

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थरूर ने कहा कि यह हवाईअड्डे की क्षमता के पूर्ण विस्तार के बारे में है। इससे स्थानीय लोगों और कंपनियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा।

इससे पहले इसाक ने ट्वीट कर कहा था कि थरूर अंग्रेजों के पुराने शोषण के विरुद्ध तो मुखर है पर समकालीन भारत में कॉरपोरेट के शोषण के पक्ष में इतने मुखर हैं।’

इसाक ने सवाल किया था कि जब कोच्चि हवाई अड्डा (सीआईएएल) एक का सफल मॉडल हो सकता है, तो त्रिवेंद्रम के लिए अडाणी की क्या जरूरत है।

इसाक ने कहा, ‘‘तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे का निजीकरण कर इसे अडाणी को दिया गया और केरल सरकार के दावे को खारिज किया गया। यहां तक कि हम अडाणी के बराबर की दर लगाने को तैयार थे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का केरल के प्रस्ताव को स्वीकार करने का वादा टूट गया।’’

थरूर ने शनिवार को ट्वीट कर कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को सालाना 2,500 करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जब आप राजस्व का जिक्र करते हैं तो दिल्ली हवाईअड्डे में जीएमआर द्वारा एएआई को राजस्व में 46 प्रतिशत हिस्सा देने की सहमति बनी है। मुंबई और दिल्ली हवाईअड्डों पर एएआई को सालाना 2,500 करोड़ रुपये मिलते हैं।

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