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Hyderabad: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने हत्या मामले में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद अविनाश रेड्डी को दी जमानत

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने एक पूर्व मंत्री की हत्या के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वाई एस अविनाश रेड्डी को बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी.

Hyderabad: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने हत्या मामले में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद अविनाश रेड्डी को दी जमानत
अविनाश रेड्डी (Photo Credit: Twitter)

हैदराबाद, 31 मई: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने एक पूर्व मंत्री की हत्या के मामले में वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वाई एस अविनाश रेड्डी को बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी. आरोपी मृतक के रिश्तेदार हैं. अदालत ने अविनाश रेड्डी को जांच पूरी होने तक केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से अनुमति लिए बिना देश नहीं छोड़ने के भी निर्देश दिए. यह भी पढ़ें: Karnataka: कर्नाटक चुनाव में हार के बाद पूर्व सीएम शेट्टार बोले, मैं अपनी हार से उदास नहीं हूं

न्यायमूर्ति एम लक्ष्मण ने अपने आदेश में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को जांच में सहयोग करना चाहिए और जून 2023 के अंत तक प्रत्येक शनिवार को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे के बीच सीबीआई पुलिस के समक्ष पेश होना चाहिए, साथ ही जरूरत पड़ने पर नियमित रूप से पेश होना चाहिए.’’ अविनाश रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के रिश्ते के भाई हैं. वह मार्च 2019 में हुई वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच के घेरे में है. पूर्व मंत्री विवेकानंद रेड्डी आरोपी के चाचा थे.

अविनाश रेड्डी को 19 मई को पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन वह अपनी मां की बीमारी और अस्पताल में इलाज का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे. इसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें एक और नोटिस जारी कर 22 मई को पेश होने को कहा. अविनाश रेड्डी इस वर्ष कम से कम पाचं बार सीबीआई के समक्ष पेश हो चुके हैं. उन्होंने तेलंगाना उच्च न्यायालय में अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की थी.

गौरतलब है कि विवेकानंद रेड्डी आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाई थे और 15 मार्च 2019 की रात को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला में उनके घर पर उनकी हत्या कर दी गई थी. राज्य में कुछ ही हफ्तों में विधानसभा चुनाव होने थे. इस मामले की जांच शुरू में राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल ने की और जुलाई 2020 में यह जांच सीबीआई ने अपने हाथों में ले ली. केंद्रीय जांच एजेंसी ने 26 अक्टूबर 2021 को एक आरोप पत्र दाखिल किया और फिर 31 जनवरी 2022 को एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया.

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(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2023 12:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).