देश की खबरें | तेलंगाना उच्च न्यायालय ने राज्यपाल कोटे के तहत दो एमएलसी का नामांकन रद्द किया
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हैदराबाद, सात मार्च तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को करारा झटका देते हुए बृहस्पतिवार को राज्यपाल कोटे के तहत तेलंगाना राज्य विधान परिषद के सदस्यों के रूप में एम कोदंडराम और आमेर अली खान के नामांकन को रद्द कर दिया।
उच्च न्यायालय ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेताओं श्रवण दासोजू और के सत्यनारायण के नामांकन को खारिज करने संबंधी राज्यपाल के 19 सितंबर, 2023 के आदेश को भी रद्द कर दिया।
दासोजू और सत्यनारायण का राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद में नामांकन बीआरएस के पिछले शासन के दौरान तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने खारिज कर दिया था।
राज्यपाल द्वारा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में उनके नामांकन को खारिज करने के आदेश को चुनौती देते हुए श्रवण दासोजू और सत्यनारायण ने पहले उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी।
इस वर्ष जनवरी में तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने राज्यपाल कोटे के तहत कोदंडराम और आमेर अली खान को एमएलसी के रूप में नामित किया था।
इसके बाद, याचिकाकर्ताओं ने विधान परिषद के सदस्यों के रूप में कोदंडराम और आमेर अली खान (प्रतिवादी संख्या 4 और 5) के पक्ष में मंत्रिपरिषद द्वारा की गई सिफारिशों और 27 जनवरी, 2024 की राजपत्र अधिसूचना (जिसके द्वारा उन्हें एमएलसी के रूप में नामांकित किया गया था) को भी चुनौती दी।
उच्च न्यायालय ने 30 जनवरी को निर्देश दिया था कि यथास्थिति बरकरार रखी जाए।
मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति अनिल कुमार जुकांति की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को रिट याचिकाओं पर सुनाये गये फैसले में कहा, ‘‘19 सितंबर, 2023 के आदेशों को रद्द कर दिया गया है और प्रतिवादी क्रमांक 4 और 5 के पक्ष में 13 जनवरी 2024 की मंत्रिपरिषद की बाद की सिफारिश, राज्यपाल के आदेश और 27 जनवरी 2024 की राजपत्र अधिसूचनाएं रद्द की जाती हैं।’’
इसने कहा कि इसके अलावा, राज्यपाल के पास आवश्यक दस्तावेज/जानकारी प्रस्तुत करने या मंत्रिपरिषद द्वारा की गई सिफारिश पर पुनर्विचार करने के लिए मामले को मंत्रिपरिषद को भेजने का अधिकार है।
अदालत के आदेश में कहा गया है, ‘‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 361 के मद्देनजर राज्यपाल न्यायालय के प्रति जवाबदेह नहीं है। राज्यपाल को कोई सकारात्मक निर्देश जारी नहीं किया जा सकता। इन मामलों के तथ्यों और परिस्थितियों में हालांकि यह अदालत उम्मीद करती है कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।’’
अदालत ने रिट याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
संपर्क करने पर, श्रवण दासोजू ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्होंने राज्यपाल से उन्हें राज्यपाल कोटे के तहत एमएलसी के रूप में नियुक्त करने की अपील की।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2024 05:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

