देश की खबरें | तेलंगाना के लोक गायक गद्दर का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया

हैदराबाद, सात अगस्त तेलंगाना के लोक गायक गद्दर का सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। दिवंगत गायक को प्रमुख हस्तियों समेत हजारों लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

गद्दर एक क्रांतिकारी थे। वह अलग तेलंगाना राज्य के गठन से संबंधित आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती थे।

गद्दर द्वारा शहर के अलवाल में स्थापित एक विद्यालय में बौद्ध परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और पूर्व प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमन ने गद्दर को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों तेलुगू भाषी राज्यों (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) में वह घर-घर जाने जाते थे। उन्होंने कई जन आंदोलनों का नेतृत्व किया था।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने अलवाल स्थित गद्दर के आवास पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की थी।

लोक गायक के शव को अंतिम संस्कार के लिए एलबी स्टेडियम से अलवाल ले जाया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्रिय कवि को अंतिम विदाई दी।

गद्दर का खराब स्वास्थ्य के चलते रविवार को निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। गद्दर, 1980 के दशक के दौरान क्रांतिकारी गीतों और इसके बाद पृथक तेलंगाना राज्य आंदोलन को लेकर अपनी रचनाओं से लोकप्रिय हुए थे।

गद्दर का असली नाम गुम्मडी विट्ठल राव था और उनका जन्म 1949 को मेडक जिले के तूपरान में एक दलित परिवार में हुआ था और उनकी परवरिश मुश्किल हालात में हुई थी।

लोक गायक का यहां अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल में फेफड़ों व मूत्राश्य संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया था।

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