कोलकाता, 19 जुलाई कलकत्ता उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने शिक्षक भर्ती में हुई कथित अनियमितता की सीबीआई जांच कराने के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया।
यह अपील राज्य सरकार और अन्य की ओर से दायर की गई है। आरोप है कि सरकार प्रायोजित और सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता की गई है।
न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने अपने फैसले में एक अतिरिक्त अंक का लाभ प्राप्त कर भर्ती हुए 269 शिक्षकों के मामले की सीबीआई जांच कराने के साथ उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार, प्राथमिक स्कूली शिक्षा बोर्ड और अन्य ने अपील दाखिल की है।
अपील पर सुनवाई करने के दौरान न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार और न्यायमूर्ति लिपिता बनर्जी की पीठ ने वादियों और प्रतिवादी का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल प्राथमिक स्कूली शिक्षा बोर्ड ने खंडपीठ के समक्ष स्वीकार किया कि भेदभाव किया गया क्योंकि वर्ष 2014 में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में शामिल 20 लाख अन्य उम्मीदवारों को गलत सवाल के लिए अतिरिक्त अंक नहीं दिया गया था। हालांकि, साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि इसमें कोई अपराधिक कृत्य संलिप्त नहीं है।
वहीं, याचिकाकर्ता (पीडित उम्मीदवार) ने कहा कि इस मामले में उचित जांच की जरूरत है, ताकि अतिरिक्त अंक देने के कारणों और मापदंड का पता लगाया जा सके।
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