देश की खबरें | तेदेपा, वाईएसआर ने आंध्र प्रदेश में फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने की निर्वाचन आयोग से मांग की

नयी दिल्ली, 28 अगस्त आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस और विपक्षी तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से संपर्क कर राज्य की मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं के नाम हटाने का आग्रह किया और एक-दूसरे पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया।

तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस चुनावी प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने आरोपों की जांच के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) से राज्य का दौरा करने की अपील की।

नायडू ने यहां निर्वाचन आयोग (ईसी) से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपकर यह सुनिश्चित करने की मांग की कि सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाए और मृत तथा "फर्जी" मतदाताओं के नामों को सूची से हटाया जाए।

उन्होंने मतदाताओं से जुड़ी जानकारी और आधार संख्या निजी एजेंसियों को कथित रूप से "स्थानांतरित" किए जाने की भी जांच की मांग की।

उन्होंने आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि ग्राम/वार्ड सचिवालयम कर्मचारियों के बजाय शिक्षकों और अन्य विभाग के कर्मचारियों को चुनावी कार्यों के लिए तैनात किया जाए।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने नियमित निगरानी, आकलन और उपचारात्मक कदम उठाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ एक समिति के गठन की भी मांग की।

नायडू ने यह आरोप भी लगाया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उनके खिलाफ मामले दर्ज किये जा रहे हैं।

बाद में, संवाददाताओं से बातचीत में नायडू ने राज्य की मतदाता सूची से फर्जी प्रविष्टियों को हटाने के लिए आधार पहचान सहित प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर दिया।

बाद में, वाईएसआर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी विजयसाई रेड्डी ने यहां आयोग से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि तेदेपा नेता "अनुचित और झूठे" आरोप लगा रहे हैं जो आधारहीन हैं।

रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से फर्जी प्रविष्टियों को हटाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया।

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