नयी दिल्ली, 24 अप्रैल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत तपेदिक के रोगियों की जांच और उपचार में कोई रुकावट ना आए और कार्यक्रम के तहत दी गई सारी सुविधाएं उन्हें मिलें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर तपेदिक (टीबी) के सभी रोगियों को एक महीने की दवा दिए जाने का निर्देश है।
इसमें कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना है कि पहचानपत्र के साथ या उसके बिना भी सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी मरीजों का उपचार किया जाए और इसमें किसी तरह की बाधा नहीं आए।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि कोई टीबी रोगी स्वास्थ्य केंद्र तक जाने में असमर्थ है तो रोगी के घर पर दवा पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
कोविड-19 महामारी और इसकी रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
मंत्रालय ने टीबी रोगियों को कोविड-19 से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने और निर्धारित उपचार जारी रखने की सलाह दी।
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