चेन्नई, 18 फरवरी तिरुचिरापल्ली के लोकप्रिय कुमारवयालुर सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के दो गैर-ब्राह्मण पुजारियों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2021 में उनकी नियुक्ति के बाद से उन्हें मंदिर के गर्भगृह के अंदर कभी नहीं जाने दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से गृभगृह के अंदर उनके प्रवेश के लिए कदम उठाने की अपील की।
प्रभु और जयपाल नाम के दो पुजारी ने अधिकारियों से 19 फरवरी को होने वाले कुंभाभिषेकम (अभिषेक समारोह) के लिए अनुष्ठानों और संबंधित कार्यों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के वास्ते कदम उठाने की मांग की है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित मंदिरों में सभी हिंदू जातियों के पुजारियों को नियुक्त करने की योजना के तहत प्रशिक्षण के बाद सरकार ने उन्हें नियुक्त किया था।
दोनों पुजारियों ने मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के मंत्री पी के शेखर बाबू और एचआर-सीई के शीर्ष अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन में कहा कि वे 14 अगस्त 2021 को नियुक्त किए गए 24 पुजारियों में से हैं।
पुजारियों ने आरोप लगाया कि नियुक्ति के बाद से उन्हें कुमारवायलुर अरुलमिघु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के परिसर में केवल भगवान गणेश और नवग्रहों के मंदिरों में पूजा करने की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया, “अब तक हमें भगवान मुरुगन के गर्भगृह में प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति नहीं दी गई है।”
पुजारियों ने पत्र में कहा कि श्रद्धालु उनके साथ सम्मान से पेश आये और उन्हें लोगों की ओर से किसी तरह का भेदभाव नहीं मिला लेकिन शिवाचार्यों ने उन्हें गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी।
मंदिर के शिवाचार्यों से टिप्पणी के लिए तत्काल संपर्क नहीं हो सका।
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