देश की खबरें | तमिलनाडु: दलित पंचायत प्रधान को कुर्सी पर नहीं दिया बैठने, राष्ट्रध्वज भी नहीं फहराने दिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कडलूर (तमिलनाडु), 10 अक्टूबर तमिलनाडु के कडलूर जिले में एक दलित महिला पंचायत प्रधान को बैठकों में उप प्रधान ने कथित तौर पर कुर्सी पर नहीं बैठने दिया, ना ही राष्ट्रध्वज फहराने दिया। इस भेदभावपूर्ण व्यवहार की राजनीतक दलों ने निंदा की है।

पुलिस, उप प्रधान मोहन राज की तलाश कर रही है, जबकि पंचायत सचिव सिंदुजा को निलंबित कर दिया गया है।

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इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी रोष छा गया।

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरस एक तस्वीर में मेल बुवनगिरि पंचायत यूनियन के तहत थेरकु थिट्टाई गांव की प्रधान एस राजेश्वरी जमीन पर बैठी दिखी, जबकि अन्य लोग कुर्सी पर बैठे हुए देखे जा सकते हैं। इस घटना के बारे में पता चलने पर अधिकारी हरकत में आ गये।

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जिलाधिकारी चंद्र शेखर सखामुरी और पुलिस अधीक्षक एम श्री अभिनव ने गांव का दौरा किया और शनिवार को मामले की जांच-पड़ताल की।

अभिनव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम उनका (राजेश्वरी का) बयान लेंगे और उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी जान को कोई खतरा नहीं है। गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अन्य वार्ड सदस्यों ने भी महसूस किया कि क्या कुछ गलत हुआ है। ’’

जिलाधिकारी ने कहा कि अब तक पंचायत कार्यालय में चार बैठकें हुई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि पंचायत की प्रधान को जमीन पर बैठने के लिये मजबूर किया गया, जबकि कुछ वार्ड सदस्यों ने दावा किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से ऐसा किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी शिकायत के आधार पर जांच जारी है। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ’’

तस्वीर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसमें 17 जुलाई 2020 की तारीख दिख रही, जब यह खींची गई थी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु पंचायत अधिनियम के तहत मोहन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उप प्रधान के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

राजेश्वरी से यह पूछे जाने पर कि उन्होंने पहले शिकायत क्यों नहीं की, इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने शुरूआत में उप प्रधान के व्यवहार को बर्दाश्त किया, लेकिन बदसलूकी बढ़ जाने पर उन्होंने अब शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ उप प्रधान ने राष्ट्र ध्वज फहराया और उन्हें (अहम मौकों के दौरान) ऐसा नहीं करने दिया गया।

मत्स्य पालन मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि यह ‘‘बर्बर’’ है और उन्होंने कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई का वादा किया।

एमडीएमके महासचिव वाइको ने कहा कि इस तरह का कृत्य अपमानजनक है।

दम्रुक सांसद कनिमोई ने कहा कि यह बहुत ही निदंनीय है और नेताओं ने सख्त कार्रवाई की मांग की।

यह घटना तिरूवल्लूर जिले में एक दलित महिला पंचायत प्रधान को स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण करने की अनुमति नहीं दिये जाने के कुछ महीनों बाद हुई है। हालांकि, जिला प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर बाद में उन्होंने तिरंगा फहराया था।

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