चेन्नई, 18 सितंबर केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए तमिलनाडु पुलिस द्वारा एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
अपराध शाखा सीआईडी ने शुक्रवार को कहा कि बड़ी संख्या में अपात्र किसानों को धोखाधड़ी के माध्यम से योजना का लाभ पहुंचाने के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की संयुक्त भूमि / स्वामित्व वाले छोटे और कम आय वाले किसानों को प्रति वर्ष तीन किस्तों मे 6,000 रुपये की सहायता दी जायेगी ।
यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा।
सीआईडी की एक विज्ञप्ति में कहा गया, "कई शिकायतें मिली हैं कि कई अपात्र किसानों को अधिकारियों और बाहरी एजेंसियों की मिलीभगत के साथ लाभ पहुंचाया जा रहा है।"
शिकायतों के आधार पर, अपराध शाखा सीआईडी की विभिन्न जिला इकाइयों में 13 मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके बाद डीजीपी,अपराध शाखा सीआईडी, आईजीपी अपराध सीआईडी और दो पुलिस अधीक्षकों के तहत छह डीएसपी और 18 निरीक्षकों के साथ एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है।
कृषि सचिव गगनदीप सिंह बेदी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इस योजना के तहत तमिलनाडु के 13 जिलों में लगभग 5.5 लाख अपात्र व्यक्तियों के खातों में 110 करोड़ रुपये जमा किए गए थे और 32 करोड़ रुपये की वसूली कर ली गई। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा था कि राज्य सरकार ने घोटाले का खुलासा किया और सीबी-सीआईडी जांच का आदेश दिया।
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