चेन्नई, 15 जून तमिलनाडु सरकार ने मंत्री वी. सेंथिल बालाजी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद विभागों के पुनर्आवंटन से संबंधित फाइल वापस करने के लिए राज्यपाल आर. एन. रवि की आलोचना की।
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुदी ने कहा कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने पहले ही दिन में राज्यपाल से बालाजी के पास मौजूद बिजली और शराबबंदी विभागों को मंत्रियों थंगम थेनारासु और एस मुथुसामी को आवंटित करने की सिफारिश की थी, लेकिन रवि ने सिफारिश स्वीकार नहीं की।
पोनमुदी ने यहां एक बयान में कहा, "संविधान के अनुसार, मुख्यमंत्री के पास विभागों के आवंटन, किसी को मंत्रिमंडल में शामिल करने या किसी मंत्री को हटाने का अधिकार है, न कि राज्यपाल के पास।"
राज्यपाल ने 31 मई को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सेंथिल बालाजी को हटाने के लिए कहा था और अगले ही दिन स्टालिन ने विस्तृत जवाब दिया था।
उन्होंने कहा, “राज्यपाल को संविधान की जानकारी होनी चाहिए। उन्हें विभागों के पुनर्आवंटन पर मुख्यमंत्री की सिफारिश स्वीकार करनी चाहिए थी। लेकिन राज्यपाल केंद्र की भाजपा सरकार के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “केवल इसलिए किसी मंत्री को हटाया नहीं जा सकता कि उसपर कोई मामला चल रहा है। क्या राज्य (गुजरात) के मंत्री रहते हुए मुकदमों का सामना करने वाले मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त किया गया था?”
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