देश की खबरें | उल्फा के साथ बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है : असम के मुख्यमंत्री

नयी दिल्ली, 22 अगस्त असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि उल्फा के वार्ता समर्थक धड़े के साथ जारी बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है।

शर्मा ने कहा कि राज्य में विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन के साथ मूल निवासियों की पहचान संरक्षित करने की समूह की एक मांग को पूरा कर लिया गया है।

असम सरकार के एक बयान के अनुसार शर्मा ने विश्वास जताया कि ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम’ (उल्फा) के वार्ता समर्थक धड़े के साथ चल रही बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है।

उन्होंने वार्ता समर्थक गुट के साथ शांति समझौते को अंतिम रूप दिये जाने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।

उल्फा के परेश बरुआ नीत कट्टरपंथी धड़े के बातचीत में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि एक न एक दिन यह गुट सरकार की पेशकश को स्वीकार कर लेगा।

उल्फा के एक प्रतिनिधिमंडल ने पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्रालय और आसूचना ब्यूरो (आईबी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की थी। प्रतिनिधिमंडल में उल्फा के ‘अध्यक्ष’ अरविंद राजखौवा, ‘महासचिव’ अनूप चेतिया, इसके अन्य नेता राजू बरुआ और साशा चौधरी शामिल थे।

राजखौवा की अगुवाई वाले धड़े ने 2011 में केंद्र सरकार के साथ बिना शर्त बातचीत शुरू की थी, जबकि परेश बरुआ नीत कट्टरपंथी गुट ने इसका कड़ा विरोध किया था।

उल्फा की स्थापना 1979 में ‘संप्रभु असम’ की मांग के साथ हुई थी। तब से समूह विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा है और केंद्र सरकार ने 1990 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

राजखौवा नीत धड़ा 3 सितंबर, 2011 को सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल हुआ था। इससे पहले उल्फा, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच एक समझौता हुआ था।

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