नयी दिल्ली, 17 जनवरी विश्व धरोहर ताजमहल के लिए प्रसिद्ध शहर आगरा में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को अपने दिसंबर 2019 में संशोधन करते हुए शहर में हवाई यातायात बढ़ाने की अनुमति दे दी है।
न्यायालय ने पहले कहा था कि भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) को आगरा के मौजूदा हवाई अड्डे पर एक अतिरिक्त टर्मिनल का निर्माण करने का अधिकार होगा, लेकिन एएआई और केन्द्र सरकार को अगले आदेश तक आगरा में हवाई यातायात को और बढ़ाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
न्यायमूर्ति एस. के. कौल, न्यायमूर्ति ए. एस. ओका और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने मंगलवार को मामले में सुनवाई की।
एएआई की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अजित कुमार सिन्हा ने पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत ने पहले एएआई को अतिरिक्त टर्मिनल बनाने की अनुमति दी थी और केंद्र ने इस मुद्दे पर अध्ययन भी कराया है।
न्यायालय ने जब चार दिसंबर, 2019 को मामले की सुनवाई की थी, तो केन्द्र की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने पीठ को बताया था कि सरकार एक अध्ययन की मदद से हवाई मार्ग से आगरा आने वाले यात्रियों की संख्या और भविष्य में उनकी संख्या में वृद्धि का आकलन करना चाहती है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान सिन्हा ने पीठ को बताया कि टर्मिनल निर्माण के लिए धन आवंटित कर दिया गया है और हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या का बढ़ना वक्त की जरूरत है, क्योंकि पूरी दुनिया से पर्यटक ताजमहल और अन्य स्मारकों/विरासतों को देखने आते हैं।
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