Adani Group: स्विस अधिकारियों ने अदाणी समूह के प्रमुख व्यक्ति से जुड़ी 31 करोड़ डॉलर की राशि जब्त की- हिंडनबर्ग
अमेरिकी शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने अदाणी समूह में धन शोधन के आरोपों के तहत स्विस बैंक खातों में 31 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जब्त कर ली है.
नयी दिल्ली, 13 सितंबर : अमेरिकी शोध एवं निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि स्विट्जरलैंड के अधिकारियों ने अदाणी समूह में धन शोधन के आरोपों के तहत स्विस बैंक खातों में 31 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जब्त कर ली है. हालांकि अदाणी समूह ने आरोप को आधारहीन बताते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है. हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर स्विट्जरलैंड की मीडिया कंपनी में जारी स्विस आपराधिक रिकॉर्ड’ का हवाला देते हुए कहा कि ‘स्विस अधिकारियों ने अदाणी से संबंधित धनशोधन और प्रतिभूतियों में जालसाजी की जांच के तहत स्विस बैंक खातों में रखे 31 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जब्त कर ली है. यह जांच 2021 में हुई थी."
हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट के हवाले से कहा, “अभियोजकों ने विस्तार से बताया कि कैसे अदाणी के एक प्रमुख व्यक्ति ने अपारदर्शी बीवीआई/मॉरीशस और बरमूडा कोष में निवेश किया. इसमें ज्यादातर अदाणी के शेयर थे.” इस बीच, अदाणी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसका स्विट्जरलैंड में किसी भी अदालती कार्यवाही से कोई संबंध नहीं है. समूह ने बयान में कहा, “हम इन निराधार आरोपों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं. अदाणी समूह का किसी भी स्विस अदालती कार्यवाही में कोई संबंध नहीं है, न ही हमारी कंपनी के किसी भी खाते को किसी प्राधिकरण ने जब्त किया है.” बयान के अनुसार, “यहां तक कि कथित आदेश में भी स्विस न्यायालय ने न तो हमारी समूह कंपनियों का उल्लेख किया है, न ही हमें किसी ऐसे प्राधिकरण या नियामक निकाय से स्पष्टीकरण या जानकारी के लिए कोई अनुरोध प्राप्त हुआ है. हम दोहराते हैं कि हमारी विदेशी होल्डिंग संरचना पारदर्शी है तथा उसमें सभी संबंधित कानूनों का अनुपालन किया गया है.” यह भी पढ़ें : CM केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज, ‘आप’ नेता को रिहाई की उम्मीद
अदाणी समूह ने कहा, ‘‘आरोप ‘स्पष्ट रूप से निरर्थक, तर्कहीन और बेतुके हैं. हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि यह हमारे समूह की प्रतिष्ठा और बाजार मूल्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाने के लिए एकजुट होकर काम करने वाले उन्हीं लोगों द्वारा किया गया एक और सुनियोजित प्रयास है.’’ बयान में कहा गया, “अदाणी समूह पारदर्शिता और सभी कानूनी एवं नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. स्विट्जरलैंड की मीडिया कंपनी ‘गोथम सिटी’ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि "फेडरल क्रिमिनल कोर्ट (एफसीसी) के एक फैसले से पता चलता है कि जिनेवा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का कार्यालय भारतीय समूह अदाणी की कथित गड़बड़ियों की जांच हिंडनबर्ग रिसर्च के पूर्व में लगाये गये आरोप से काफी पहले से कर रहा था.” इससे पहले, हिंडनबर्ग ने पिछले साल जनवरी में अदाणी समूह पर शेयर बाजार में हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोप लगाये थे. अदाणी समूह ने जनवरी 2023 में लगाये गये हिंडनबर्ग के सभी आरोपों को आधारहीन बताते हुए उसे खारिज कर दिया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 13, 2024 10:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

