देश की खबरें | ‘स्वीडन-इंडिया नोबेल मोमोरियल वीक’ ने विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं के काम को किया सम्मानित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में स्वीडन के दूतावास ने ‘स्वीडन-इंडिया नोबेल मेमोरियल वीक’ के तहत दोनों देशों की महिला वैज्ञानिकों एवं उद्यमियों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर भारत में स्वीडन के दूतावास ने ‘स्वीडन-इंडिया नोबेल मेमोरियल वीक’ के तहत दोनों देशों की महिला वैज्ञानिकों एवं उद्यमियों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए।

आयोजकों ने बताया कि सोमवार को करीब 5,000 लोगों ने ‘शी स्टेम: विमेन लीडिंग द वे’’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के सहयोग से किया गया। ‘अटल इनोवेशन मिशन’ भारत सरकार का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश में शोध और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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कार्यक्रम में उन महिलाओं को सम्मानित किया गया, जो वैश्विक निरंतरता प्रयासों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करती हैं।

‘लैंगिक समानता एवं नारीवादी विदेश नीति के समन्वयन’ के लिए स्वीडन की राजदूत एन बर्न्स ने कहा, ‘‘बदलाव लाने के लिए रूढ़िवादी सोच, भेदभाव और लैंगिक असमानता जैसे कारकों के खिलाफ लड़ना आवश्यक है, जो अब भी दुनियाभर में कई लड़कियों का जीवन प्रभावित कर रहे हैं।’’

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उन्होंने कहा कि स्वीडन की नारीवादी विदेश नीति एक परिवर्तनकारी एजेंडा पेश करती है और ‘स्टेम’ (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की मौजूदगी को बढ़ाती है।

इस कार्यक्रम के दौरान ‘स्टॉकहोम रिजीलियन्स सेंटर’ की उप विज्ञान निदेशक डॉ. बीट्राइस क्रोना ने जलवायु परिवर्तन के असर पर बात की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय अध्ययन के क्षेत्र में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर बल दिया।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप ने ‘‘उचित चर्चा’’ के लिए मंच तैयार करने को लेकर आयोजकों की टीम को बधाई दी और कहा, ‘‘लैंगिक विविधता का संपूर्ण क्षेत्र स्थिरता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी योगदान आदि के संदर्भ में काफी महत्व रखता है।’’

कार्यक्रम के दौरान ‘स्टेम में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की महत्ता’ और ‘कार्यक्षेत्र में उनके सामने आने वाली चुनौतियों’ जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

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