पणजी, दो फरवरी गोवा के पर्यावरण मंत्री नीलेश कबराल ने बृहस्पतिवार को कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने की जिम्मेदारी सिर्फ राजनीतिक वर्ग की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की है।
यहां पहले ‘अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एवं स्थिरता शिखर सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मंत्री ने चुनौतियों का हवाला दिया और कहा कि पिछली सरकार में जब वह मंत्री थे तब पेश की गई सौर नीति को लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सौर ऊर्जा पैदा करने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ योजना शुरू की थी, लेकिन इसे लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। साथ ही, विद्युत ढांचा तैयार करने समेत विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी विरोध हो रहा है।’’
वह स्पष्ट रूप से पर्यावरणविदों और नागरिक समूहों द्वारा उन तीन परियोजनाओं के विरोध का जिक्र कर रहे थे, जिनमें एक अभयारण्य से होकर बिजली की लाइन बिछाने, रेल मार्ग के दोहरीकरण और गोवा-कर्नाटक सीमा से सटे जंगल से गुजरने वाली सड़क को चौड़ा करना शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग है जबकि कोयले से बिजली पैदा करने पर भी रोक है।
मंत्री ने कहा, ‘‘जब हम ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि कैसे आगे बढ़ना है। सतत विकास लक्ष्यों की जिम्मेदारी हम में से प्रत्येक की है न कि केवल राजनीतिक वर्ग की।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY