नयी दिल्ली, 21 अप्रैल उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर 24 अप्रैल को होने वाली सुनवाई रद्द कर दी है।
शुक्रवार रात जारी एक नोटिस में शीर्ष अदालत ने कहा है, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति रविंद्र एस भट के उपलब्ध नहीं होने के कारण इस मामले में 24 अप्रैल को सुनवाई नहीं की जाएगी।
न्यायमूर्ति कौल और न्यायमूर्ति भट प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति धनंजय वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली उस पांच सदस्यीय संविधान पीठ का हिस्सा हैं, जो समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा इस पीठ के अन्य सदस्य हैं।
इससे पहले, प्रधान न्यायाधीश ने शुक्रवार को संकेत दिया था कि उनकी अगुवाई वाली उच्चतम न्यायालय की पीठ 24 अप्रैल को निर्धारित समय से एक घंटा पहले अदालती कार्यवाही शुरू करेगी।
न्यायमूर्ति नरसिम्हा के साथ बैठे प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा था, “हम थोड़ा जल्दी बैठेंगे, ताकि हम कुछ अति आवश्यक मामलों पर सुनवाई कर सकें। संविधान पीठ को सुबह साढ़े 10 बजे बैठना है, इसलिए हम अन्य मामलों के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से सुनवाई शुरू कर सकते हैं।”
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