देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने अपील दाखिल करने के लिए विस्तारित की गयी समय सीमा खत्म की

नयी दिल्ली, आठ मार्च देश में ‘हालात सामान्य होने’ का उल्लेख करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की स्थिति के कारण वादियों को मार्च 2020 में अपील दाखिल करने के लिए विस्तारित की गयी समय सीमा खत्म करने का सोमवार को फैसला किया।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 23 मार्च को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली शक्ति का इस्तेमाल करते हुए महामारी के मद्देनजर 15 मार्च 2020 के प्रभाव से अदालतों या न्यायाधिकरणों से अपील दाखिल करने की समय सीमा को विस्तारित कर दिया था।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट्ट की पीठ ने अंतरिम आदेश द्वारा समय सीमा बढ़ा दी थी और देश में स्थिति में सुधार को ध्यान में रखते हुए और अदालतों में कामकाज शुरू होने के मद्देनजर इसे खत्म करने का फैसला किया।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘हालांकि महामारी खत्म नहीं हुई है लेकिन स्थिति में सुधार हुआ है। लॉकडाउन खत्म हो चुका है और देश में हालात सामान्य हो रहे हैं। तकरीबन सभी अदालतों और न्यायाधिकरण में या तो प्रत्यक्ष तौर पर या डिजिटल तरीके से काम हो रहा है।’’

शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हमारी राय में आदेश अपना उद्देश्य पूरा कर चुका है और महामारी के संदर्भ में बदलती स्थिति के कारण समय-सीमा खत्म होनी चाहिए।’’

पीठ ने अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल के सुझावों पर विचार किया और अपील दाखिल करने के अगले कदमों के संबंध में कई निर्देश जारी किए।

आदेश में कहा गया कि किसी भी वाद, अपील, आवेदन या कार्यवाही के लिए सीमा की अवधि की गणना करने में, 15 मार्च, 2020 से 14 मार्च, 2021 तक की अवधि को बाहर रखा जाएगा।

ऐसे मामलों में जहां सीमा 15 मार्च, 2020 से 14 मार्च, 2021 के बीच समाप्त हो गई होगी, वहां सीमा की वास्तविक शेष अवधि के बावजूद, सभी व्यक्तियों के पास 15 मार्च, 2021 से 90 दिन की सीमा अवधि उपलब्ध होगी।

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