देश की खबरें | महाराष्ट्र संकट पर न्यायालय के फैसले से पहले पाटिल को समन भेजा जाना मात्र ‘संयोग’: उदय सामंत

मुंबई, 11 मई महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में 2022 में पैदा हुए राजनीतिक संकट से संबंधित याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के फैसले से पहले प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता जयंत पाटिल को धनशोधन के एक मामले में समन जारी किया जाना मात्र एक संयोग है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ढांचागत विकास एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज’ (आईएलएंडएफएस) संबंधी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए विधायक जयंत पाटिल को समन भेजा है।

सूत्रों ने बताया कि इस्लामपुर सीट से विधायक पाटिल (61) को शुक्रवार को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है।

प्रवर्तन निदेशालय ने आईएलएंडएफएस में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में धनशोधन संबंधी जांच के दौरान इसकी दो पूर्व लेखा परीक्षा कंपनियों - ‘बीएसआर एंड एसोसिएट्स’ और ‘डेलॉयट हास्किन्स एंड सेल्स’ के परिसरों पर बुधवार को छापा मारा था। इसी के साथ एजेंसी ने 2019 के इस मामले में फिर से कार्रवाई शुरू की है।

उच्चतम न्यायालय 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट को लेकर शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे धड़ों की याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगा।

न्यायालय के फैसला सुनाए जाने से पहले प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पाटिल को समन भेजे जाने के बारे में पूछे जाने पर राज्य के उद्योग मंत्री सामंत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मात्र एक संयोग है।’’

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ महाराष्ट्र के उस राजनीतिक संकट से संबंधित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी, जिसके कारण उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार गिर गयी थी।

ठाकरे नीत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राकांपा और कांग्रेस एमवीए का हिस्सा हैं।

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