जरुरी जानकारी | भारत में चीनी खपत स्थिर, इसके इस्तेमाल को लेकर भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत: सरकार

नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर सरकार ने बुधवार को कहा कि भारत में चीनी के उपयोग को लेकर ‘भ्रांतियों और गलतफहमी’ को दूर करने की आवश्यकता है, क्योंकि पिछले तीन साल से देश में चीनी की प्रति व्यक्ति खपत 19 किलोग्राम पर स्थिर बनी हुई है।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने उद्योग संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के पोर्टल 'एचटीटीपी://मीठा डाट आर्ग' को जारी करने के बाद कहा कि भारत दुनिया में चीनी के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है, लेकिन यहां प्रति व्यक्ति खपत 19 किलोग्राम पर स्थिर है, जो दुनिया की औसत प्रति व्यक्ति 23.50 किलो की खपत की तुलना में कम है।

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देश की वार्षिक चीनी खपत 2.5- 2.6 करोड़ टन है, जबकि सितंबर में समाप्त 2019-20 सत्र में इसका उत्पादन 2.75 करोड़ टन तक पहुंच गया।

पांडे ने कहा, ‘‘बगैर किसी वैज्ञानिक आधार के चीनी और चीनी खपत के बारे में बहुत सारे मिथक चल रहे हैं। गलत जानकारी सच्चाई से कई गुना अधिक तेजी से फैलती है। इसलिए, वैज्ञानिक जानकारी सामने लाना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि लोग सोचा समझा निर्णय ले सकें।’’

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पांडे ने आगे कहा कि विदेशों में भी भारतीय चीनी के बारे में कई ‘गलतफहमियां’ हैं।

खाद्य सचिव ने कहा कि इस झूठ का सामना करने के लिए, इस्मा का ध्येय, अपने पोर्टल और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को चीनी के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी देना होना चाहिये।

उन्होंने इस्मा को बेहतर पहुंच कायम करने के लिए इस पोर्टल को क्षेत्रीय और विदेशी ओं में शुरु करने का सुझाव दिया।

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