देश की खबरें | सुधाकरन की वर्तमान दशा का कारण कांग्रेस के भीतर ‘मतभेद’ है : माकपा

तिरुवनंतपुरम, 25 जून केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को कहा कि राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर कथित मतभेद केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख के. सुधाकरन की वर्तमान दशा के लिए जिम्मेदार है, न कि वामपंथी पार्टी की कोई साजिश या मुख्यमंत्री पिनराई विजयन इसके लिए जिम्मेदार हैं।

सुधाकरन को केरल पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जीवाड़े के एक मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इस मामले में मुख्य आरोपी विवादित प्राचीन वस्तुओं का डीलर एम. मावुंकल है। केपीसीसी प्रमुख को उसी दिन जमानत पर रिहा कर दिया गया।

माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता ए. के. बालन ने दावा किया कि न तो वाम दल और न ही विजयन की मावुंकल के मामले में कोई भूमिका थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केपीसीसी प्रमुख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले कांग्रेसी हैं और युवा कांग्रेस के एक नेता ने राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन के खिलाफ सतर्कता विभाग में शिकायत की थी।

बालन ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस के भीतर ‘‘गहराते आंतरिक संघर्ष’’ का एक बड़ा कारण यह है कि हर नेता को लगता है कि उन्हें अगला मुख्यमंत्री होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति के मुद्दे पर असंतोष दिखाई दे रहा है और यह केपीसीसी अध्यक्ष के खिलाफ मामले के लिए भी जिम्मेदार है।

बालन ने दलील दी कि मुख्य आरोपी मावुंकल की संलिप्तता वाले धोखाधड़ी के जिस मामले में सुधाकरन सह-आरोपी हैं, उसमें हालिया घटनाक्रम भी केरल उच्च न्यायालय में शिकायतकर्ताओं की याचिका का ही परिणाम है जिसमें कहा गया था कि उनकी शिकायत को जांच एजेंसी गंभीरता से नहीं ले रही है।

माकपा नेता ने यह भी तर्क दिया कि एआई कैमरा मामले, प्रिया वर्गीस की नियुक्ति और केरल तकनीकी विश्वविद्यालय (केटीयू) के कुलपति की नियुक्ति में सभी अदालती आदेश राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के पक्ष में रहे हैं।

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