कोलकाता, 26 फरवरी कीव के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ एंड एनवायरमेंटल साइसेंज में पशु शल्य चिकित्सक की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र अनिकेत बनर्जी यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण डरे हुए हैं लेकिन फोन पर बात करते हुए विश्वास से भरे नजर आते हैं।
बनर्जी फिलहाल अपने कुछ साथियों के साथ शीत युद्ध के दौरान नाटो के संभावित हमलों से सुरक्षा के लिए सोवियत संघ द्वारा बनाए गए बंकर में शरण लिए हुए हैं।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के संतरागाछी का निवासी 22 वर्षीय युवक अपने अन्य साथियों के साथ बृहस्पतिवार से ही बंकर में छुपा हुआ है ताकि उस क्षेत्र में रूस द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों से बच सके। गौरतलब है कि संतरागाछी का इलाका सर्दियों में रूस से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
कई सप्ताह से जारी संकट के बाद रूस ने बृहस्पतिवार को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और उसके सैनिक पूर्वी यूरोपीय देश (यूक्रेन) की राजधानी की ओर बढ़ रहे हें।
युद्ध क्षेत्र में फंसे छात्रों सहित अन्य भारतीय नागरिक या तो सीमा पार कर सुरक्षा के लिए दूसरे देशों में जा रहे हैं या फिर बंकरों में बैठे युद्ध समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।
यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे बनर्जी सहित हजारों छात्रों ने युद्ध के दौरान घर नहीं लौटने और वहीं रूककर लड़ाई खत्म होने का इंतजार करने का फैसला लिया है।
बनर्जी शहर में भारतीय दूतवास और अन्य छात्रों के साथ संपर्क में बने हुए हैं। उन्होंने पीटीआई/ को बताया, ‘‘रूस और यूक्रेन के सैनिकों के बीच गोलीबारी हो रही है। हमने हवाई हमलों की भी आवाज सुनी है, लेकिन हम सुरक्षित हैं। कृपया हमारा यह संदेश पहुंचा दें। हम नहीं चाहते कि हमारे माता-पिता परेशान हों।’’
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