नयी दिल्ली, तीन जून देश के कई छात्र संगठनों ने इस साल के प्रारंभ में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किये गये कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग करते हुए बुधवार को आभासी प्रदर्शन किया।
तख्तियां लेकर विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने ट्विटर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करायी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विद्यार्थियों-- मीरान हैदर एवं सफूरा जरगर तथा पिंजड़ा तोड़ ग्रुप की कार्यकर्ताओं -- देवांगना कलिता एवं नताशा नरवल के साथ एकजुटता प्रदर्शित करते हुए तस्वीरें डालीं। इन विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं पर फरवरी में उत्तरपूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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तख्तियों पर ‘ सब याद रखा जायेगा’ और ‘डाउन विद सीएए-एनपीआर-एनआरसी’ लिखा था।
जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ, वाम संबद्ध ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा), महिला संगठन पिंजड़ा तोड़ एवं अन्य ने ट्विटर पर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
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आईसा ने ट्वीट किया, ‘‘ विद्यार्थयों एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना बंद करो। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर झूठे मामले लगाना बंद करो। यूएपीए वापस लो। राजनीतिक बंदियों को रिहा करो। दिल्ली दंगे के असली गुनहगारों जैसे कपिल मिश्रा एवं अनुराग ठाकुर को गिरफ्तार करो।’’
इस वाम संगठन ने इस बात की तस्वीरें भी साझा कीं कि कैसे भारत ही नहीं बल्कि विदेश के विद्यार्थियों ने भी इस प्रदर्शन के साथ एकजुटता दिखायी।
छात्र संगठनों ने लोगों से अपने इलाके में एक दूसरे से दूरी बनाते हुए तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने और वीडियो एवं तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने का आह्वान किया था।
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