देश की खबरें | छात्र नेताओं ने ओडिशा में महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तिथियां घोषित करने की मांग की

भुवनेश्वर, 13 सितंबर ओडिशा में छात्र नेताओं ने बुधवार को मांग की है कि राज्य सरकार महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तिथियों की घोषणा करे। उन्होंने धमकी दी कि यदि इस साल छात्रसंघ चुनाव नहीं कराये जाते हैं तो वे महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन करेंगे। उनका कहा है कि राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 2023-24 के लिए तैयार किये गये अकादमिक कैलेंडर में छात्रसंघ चुनाव का उल्लेख नहीं है।

उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपतियों और प्राचार्यों को इस अकादमिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

अकादमिक कैलेंडर के मुताबिक इस सत्र में 180 अध्ययन दिवस होंगे तथा रविवार के अलावा 72 अवकाश होंगे। लेकिन विभाग ने इस कैलेंडर में छात्रसंघ चुनाव कराने के कार्यक्रम का जिक्र नहीं किया है।

छात्र नेताओं ने मांग की है कि राज्य सरकार कैंपस (परिसर) चुनाव की तिथियों की घोषणा करे।

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप उच्च शिक्षा विभाग का पत्र जलाया।

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने धमकी भी दी कि यदि छात्रसंघ चुनाव रोके जाते हैं तो वह सभी महाविद्यालयों में प्रदर्शन करेगी।

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष याशिर नवाज ने कहा, ‘‘ अलोकतांत्रिक तरीके से सरकार ने 2018 से संघ चुनाव कराना बंद कर दिया है। यदि महाविद्यालय संघ चुनाव कराये जाते हैं तो बीजू जनता दल (बीजद) का राज्य से सफाया हो जाएगा। इसलिए, हार के डर से नवीन पटनायक सरकार कैंपस चुनाव नहीं करा रही है।’’

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रदेश सचिव अरिजित पटनायक ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों में नए नेतृत्व को उभरने से रोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाविद्यालय परिसरों में करीब 20 लाख युवक हैं इसलिए सरकार को डर है कि वे उसके विरूद्ध चले जायेंगे।

पटनायक ने धमकी दी कि यदि महाविद्यालय चुनाव नहीं कराये जाते हैं तो अभाविप सड़कों पर उतरेगी।’’

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि छात्र नेता छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग करते हुए न्यायालय का रूख करेंगे।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) की प्रदेश अध्यक्ष संघमित्रा जेना ने कहा कि सरकार नये नेताओं को उभरने से रोकने के लिए छात्रसंघ चुनाव रद्द करना चाहती है क्योंकि सत्तारूढ़ बीजद अब कथित रूप से ‘नौकरशाहों’ का दल बन गया है।

हालांकि सत्तारूढ़ बीजद की छात्र शाखा बीजू छात्र जनता दल के अध्यक्ष देवी रंजन त्रिपाठी ने कहा कि छात्र लिंगदोह आयोग के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, यही कारण हैं कि महाविद्यालय चुनाव स्थगित किये गये हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)