जरुरी जानकारी | शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, बैंक, आईटी शेयर में बिकवाली से सेंसेक्स 45 अंक टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 45 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने के बीच निजी क्षेत्र के बैंकों और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट आई।
मुंबई, आठ मई स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 45 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। एशिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने के बीच निजी क्षेत्र के बैंकों और आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट आई।
तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 45.46 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,466.39 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 437.93 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 22,302.50 अंक पर स्थिर रहा।
सेंसेक्स के शेयरों में एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो तथा मारुति शामिल हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एशिया के अन्य बाजारों के रुख के अनुरूप तथा मतदान प्रतिशत कम होने से घरेलू बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर रही। कंपनियों के चौथी तिमाही के वित्तीय परिणाम कमोबेश अनुमान के अनुरूप रहने के बावजूद, आय परिदृश्य नरम होता जान पड़ता है।’’
नायर ने कहा कि 2024-25 की पहली छमाही में गांवों में मांग बढ़ने के अनुमान के साथ एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों) तथा वाहन जैसे क्षेत्रों में क्षेत्र केंद्रित तेजी देखी जा रही है।
अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाले बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.78 प्रतिशत मजबूत हुआ जबकि स्मॉलकैप 0.50 प्रतिशत चढ़ा।
मेहता इक्विटीज लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान) प्रशांत तापसे ने कहा, ‘‘किसी नये सकारात्मक संकेत के अभाव में निवेशकों ने सतर्क रुख के साथ कारोबार किया। बैंक और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली से बाजार हल्की गिरावट के साथ लगभग स्थिर बंद हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय बाजारों में तेजी के बावजूद बाजार बढ़त बनाने में विफल रहा। इसका प्रमुख कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और कंपनियों के वित्तीय परिणाम के स्तर पर अचंभित करने जैसी किसी बात का नहीं होना है। इससे निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। साथ ही चुनाव को देखते हुए कोई भी लंबी अवधि के दांव लगाने को इच्छुक नहीं है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी रही। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,668.84 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81.79 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 383.69 अंक टूटा था जबकि एनएसई निफ्टी में 140.20 अंक की गिरावट आई थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2024 06:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

