तेल की चिंता में डूबा शेयर बाजार, सेंसेक्स 1,011 अंक लुढ़का
तीस शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले दिन के बंद के मुकाबले 1,011.29 अंक यानी 3.20 प्रतिशत नीचे रहकर 30,636.71 अंक पर बंद हुआ।
मुंबई, 21 अप्रैल बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में मंगलवार को 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी। कोरोना वायरस संकट का दबाव झेल रहे बाजार पर अब कच्चे तेल के दाम एतिहासिक रूप से नीचे जाने का असर हुआ है। इससे दुनिया भर के बाजारों में गिरावट देखी गयी जिसका असर धरेलू बाजारों पर भी पड़ा।
तीस शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले दिन के बंद के मुकाबले 1,011.29 अंक यानी 3.20 प्रतिशत नीचे रहकर 30,636.71 अंक पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 280.40 अंक यानी 3.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,981.45 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में 27 नुकसान में जबकि केवल तीन लाभ में रहे।
इंडसइंड बैंक सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसमें 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी। उसके बाद बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, ओएनजीसी और मारुति का स्थान रहा। इनमें 6 से 9 प्रतिशत की गिरावट आयी।
वहीं, दूसरी तरफ भारती एयरटेल, हीरो मोटो कार्प और नेस्ले इंडिया लाभ में रहे।
जियोजीत फाइनेशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिकी कच्चे तेल के भाव के धाराशायी होने से वैश्विक बाजारों के साथ घरेलू बाजारों में गिरावट आयी। ‘लॉकडाउन’ और वैश्विक नरमी का असर साफ दिख रहा है। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ से भी कंपनियों की आय प्रभावित हुई है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन ने वित्तीय परिणाम के बाद आने वाले समय को लेकर स्थिति का स्पष्ट अनुमान नहीं दिया है। इसके बावजूद कंपनियों के तिमाही नतीजे पर निगाह होगी।
कच्चे तेल के दाम के रसातल में चले जाने के साथ वैश्विक बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा।
अमेरिकी मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट का मई डिलिवरी भाव कुछ सुधरकर 1.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। तेल रखने की जगह कम होने के कारण मई डिलिवरी के लिये डब्ल्यूटीआई का भाव मंगलवार को वायदा अनुबंध बंद होने से पहले एक समय शून्य से नीचे 37.63 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया था। यानी माल उठाने के लिये पैसे देकर भी तेल खरीदार नहीं मिल रहा था।
ब्रेंट क्रूड का जून डिलिवरी भाव 20.30 प्रतिशत टूटकर 20.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
अमेरिकी तेल के दाम रसातल में पहुंच जाने और कोई खरीदार नहीं होने से वाल स्ट्रीट में जोरदार गिरावट आयी। एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग, तोक्यो और सोल भारी नुकसान के साथ बंद हुए।
शुरूआती कारोबार में यूरोप के प्रमुख बाजारों में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गयी।
इसके अलावा कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर भी निवेशक चिंतित हैं और बाजार से दूर हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 18,601 तक पहुंच गई है जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 590 हो गयी है।
वैश्विक स्तर पर संक्रमित लोगों का आंकड़ा 24.7 लाख को पार कर गया है जबकि 1.70 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2020 06:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

