ताजा खबरें | राजीव गांधी हत्याकांड के श्रीलंकाई दोषियों को उनके देश भेजने के लिए कदम उठाये गये: केंद्र सरकार

चेन्नई, 15 सितंबर केंद्र सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि उसने राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी चारों श्रीलंकाई नागरिकों को श्रीलंका वापस भेजने के लिए कदम उठाये हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय में आव्रजन ब्यूरो के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी पी वी अरुणशक्ति कुमार ने राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी एस नलिनी की याचिका के जवाब में बृहस्पतिवार को दायर अपने हलफनामे में यह बात कही।

नलिनी उन सात दोषियों में शामिल है जिन्हें उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल रिहा करने का आदेश दिया था।

नलिनी ने अदालत से अधिकारियों को यह निर्देश देने की गुहार लगाई थी कि उसके पति श्रीहरन उर्फ मुरुगन को विशेष शिविर (विदेशी हिरासत केंद्र), तिरुचिरापल्ली से रिहा किया जाए ताकि वह उसके साथ चेन्नई में रह सके।

नलिनी ने अपनी याचिका में कहा कि उसे जब गिरफ्तार किया गया था, तब वह गर्भवती थी और 19 दिसंबर, 1992 को उसकी बेटी का जन्म हुआ था जिस समय वह चेंगलपट्टू उपजेल में हिरासत में बंद थी।

उसकी बेटी की अब शादी हो चुकी है और वह लंदन में अपने पति और बच्चे के साथ रह रही है। नलिनी के मुताबिक उसकी बेटी ब्रिटेन की नागरिक है और मुरुगन उसके साथ वहां बसना चाहेगा।

नलिनी ने यह भी कहा कि मुरुगन को अपने पासपोर्ट के सिलसिले में श्रीलंका के दूतावास से भी संपर्क करना है। जब से वह विशेष शिविर में निरुद्ध है, तब से कहीं जा नहीं सका है।

नलिनी ने 20 मई, 2023 को यहां विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय से अनुरोध किया था कि विशेष शिविर से उसके पति को रिहा किया जाए ताकि वह चेन्नई में उसके साथ रह सके।

उसने कहा कि अधिकारियों ने उसके अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया।

मुरुगन के अलावा राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी अन्य श्रीलंकाई नागरिकों में शांतन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार हैं। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल इन सभी को रिहा करने का आदेश दिया था।

शीर्ष अदालत के आदेश के बाद तीन अन्य दोषियों-पेरारिवालन, नलिनी और रविचंद्रन को रिहा किया गया था। तीनों भारतीय हैं।

राजीव गांधी की 1991 में चेन्नई के पास श्रीपेरुंबदूर में प्रतिबंधित लिट्टे (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) की एक आत्मघाती महिला हमलावर ने विस्फोट कर हत्या कर दी थी।

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