जरुरी जानकारी | राजस्व में गिरावट, अन्य कारणों से पूंजीगत व्यय के लक्ष्य से चूक सकते हैं राज्य: रिपोर्ट

मुंबई, 26 नवंबर राजस्व में गिरावट, चुनाव और कई अन्य कारणों से राज्य चालू वित्त वर्ष के लिए अपने पूंजीगत व्यय के लक्ष्य से चूक सकते हैं।

इक्रा रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि राजस्व प्राप्तियों में भारी गिरावट से राज्य के पूंजीगत व्यय में बड़ी कमी आएगी।

राज्यों का पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही में रिकॉर्ड 35 प्रतिशत तक बढ़ गया।

नायर ने कहा कि अपने बजट अनुमानों को बनाए रखने के लिए 21 राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दूसरी छमाही में पूंजीगत व्यय की दर 28 प्रतिशत पर बनी रहे।

उन्होंने कहा कि हालांकि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह संभव नहीं है।

नायर ने कहा कि आम चुनाव से पहले मार्च तिमाही में आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने की संभावना है।

पूंजीगत व्यय तथा अन्य व्यापक आंकड़ों की उपलब्धता के आधार पर इन 21 राज्यों को विश्लेषण में शामिल किया गया। इन 21 राज्यों का संयुक्त राजस्व और राजकोषीय घाटा अप्रैल-सितंबर के दौरान क्रमशः 70,000 करोड़ रुपये और 3.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा है।

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