शिमला/गुवाहाटी/मुंबई/ईटानगर, नौ दिसंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हिमाचल प्रदेश, असम और मुंबई इकाइयों ने ओडिशा में बड़ी मात्रा में ‘बेहिसाब’ नकद बरामद होने को लेकर कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को शरण देने का आरोप लगाते हुए झारखंड से पार्टी सांसद धीरज प्रसाद साहू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा ने मामले पर कांग्रेस नेताओं की खामोशी पर भी सवाल उठाया।
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि ओडिशा स्थित शराब बनाने वाली कंपनियों के एक समूह और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी के बाद मिली ‘‘बेहिसाब’’ नकदी के 290 करोड़ रुपये होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह एजेंसी के किसी एक अभियान में बरामद हुआ ‘‘सबसे अधिक’’ कालाधन है।
अधिकारियों ने बताया कि बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ छापे की कार्रवाई छह दिसंबर को शुरू हुई थी। उन्होंने बताया कि अब तक 250 करोड़ रुपये से अधिक नकदी जब्त की जा चुकी है।
सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई के तहत कांग्रेस नेता और झारखंड से राज्यसभा सदस्य धीरज प्रसाद साहू से जुड़े परिसर पर भी छापा मारा गया है।
हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रमुख राजीव बिदंल ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि आयकर विभाग ने झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में साहू से जुड़े व्यापारिक घरानों के परिसरों पर छापे मारे और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुप हैं।
बिंदल ने कहा कि इससे पता चलता है कि कांग्रेस भ्रष्ट लोगों को संरक्षण दे रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि साहू 2010 से राज्यसभा सदस्य हैं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान उनके साथ थे। उन्होंने दावा किया कि "कांग्रेस, भ्रष्टाचार और नकदी" का पर्याय बन गई है।
वहीं, असम प्रदेश भाजपा प्रमुख भाबेश कलिता ने गुवाहाटी में एक प्रेस वार्ता में कहा, “ "हमने किताबों की लाइब्रेरी तो देखी थी, लेकिन पैसों की लाइब्रेरी कभी नहीं देखी थी।"
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता के परिसर से करोड़ों रुपये की बरामदगी यह साबित करती है कि पार्टी ने वर्षों तक देश को कैसे लूटा।
कलिता ने दावा किया कि कांग्रेस के अन्य सांसदों को भी इस जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए।
भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने कहा कि झारखंड से कांग्रेस सांसद से कथित रूप से संबंधित 200 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी कांग्रेस के भ्रष्टाचार का नमूना है।
उन्होंने कहा, “(प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी की गारंटी भ्रष्टाचार मुक्त भारत की है। दूसरी तरफ कांग्रेस का भ्रष्ट चेहरा है। झारखंड में भ्रष्टाचार, गबन, दलाली और रिश्वतखोरी का इतिहास सामने आया है।”
शेलार ने कहा, "काले धन और भ्रष्टाचार को नष्ट करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का अभियान कांग्रेस के भ्रष्ट मामलों को उजागर करने में सफल रहा है। 'मोदी की गारंटी' भ्रष्टाचार को खत्म करने की है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस के एक सांसद के घर में इतना पैसा मिला है तो इसका अंदाजा लगाने की जरूरत नहीं है कि पार्टी के अन्य नेताओं और गांधी परिवार के सदस्यों के पास कितना पैसा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक वह इस भ्रष्टाचार के हर पहलू को उजागर नहीं कर लेती।
शेलार ने आरोप लगाया कि देश के सभी भ्रष्ट नेता कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का गठन करने के लिए साथ आए हैं।
भाजपा की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने "बेहिसाब" नकदी की बरामदगी को लेकर कांग्रेस के खिलाफ राज्य भर में प्रदर्शन किया।
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता डोमिनिक टाडर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि साहू जैसे कितने लोग कांग्रेस के भीतर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, "‘इंडिया’ गठबंधन भ्रष्टाचार और लूट में लिप्त है। जब ईडी, सीबीआई और आईटी जैसी जांच एजेंसियां अपना काम करती हैं, तो सभी भ्रष्ट नेता उनके खिलाफ आरोप लगाने के लिए एकजुट हो जाते हैं।"
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