बेंगलुरू, तीन मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि जो लोग विभिन्न मुद्दों की पेशेवर जांच के कारण परेशान हैं, वे ''निष्पक्ष और निडर'' पुलिस बल की आलोचना कर रहे हैं।
कांग्रेस द्वारा कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र और उच्च शिक्षा मंत्री अश्वत्थ नारायण पर पुलिस उप निरीक्षक भर्ती घोटाले में कुछ अभियुक्तों को कथित रूप से बचाने का आरोप लगाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री का यह बयान आया। इस मामले का हाल में खुलासा हुआ था। नारायण ने इन आरोपों को 'निराधार' करार दिया था।
नृपथुंगा विश्वविद्यालय के उद्घाटन और नए शैक्षणिड की नींव रखने के बाद बोम्मई विपक्ष पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा, "आज पुलिस 'निडर और निष्पक्ष' रूप से काम कर रही है। पुलिस के अधिकारी पेशेवर तरीके से हर घोटाले की जांच कर रहे हैं, जिससे कुछ लोग परेशानी में हैं। समस्या वाले लोग पुलिस के बारे में बुरा बोल रहे हैं, क्योंकि वे डरे हुए हैं।’ इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी, राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र, उच्च शिक्षा मंत्री अश्वत्थ नारायण और पुलिस महानिदेशक प्रवीण सूद उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान बोम्मई ने कहा, ''हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम अपराध के खिलाफ हैं। किसी को भी अपराधियों को सहारा नहीं देना चाहिए। जो लोग मुसीबत में होते हैं उनके स्वर अलग होते हैं।''
गौरतलब है कि कई अधिकारियों पर पीएसआई के 545 पदों को भरने के लिए पिछले साल अक्टूबर में हुई भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी करने का आरोप लगा था।
बोम्मई सरकार ने पदों को भरने के लिए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के बाद परीक्षा रद्द कर दी थी।
इस मामले में अब तक 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 10 लोग फरार हैं। आरोप है कि चयनित होने के लिए उम्मीदवारों ने 75 से 80 लाख रुपये तक का भुगतान किया था।
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