देश की खबरें | अंतर्राज्यीय आवागमन के लिये समान नीति पर विचार के लिये एनसीआर के राज्य बैठक करें: न्यायालय
जियो

नयी दिल्ली, चार जून उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि वे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के लिये एक समान नीति और पोर्टल तैयार करने पर विचार के लिये बैठक करें। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर एनसीआर में आवागमन पर कथित रूप से प्रतिबंध लगा हुआ है

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान कहा कि इन राज्यों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अंतर्राज्यीय आवागमन सुगम बनाने के लिये साझा कार्यक्रम तैयार करने पर विचार करना चाहिए।

यह भी पढ़े | तबलीगी जमात मामले में 960 विदेशी नागरिकों पर बड़ी कार्रवाई, भारत यात्रा पर 10 साल के लिए लगा बैन- रिपोर्ट : 4 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिये ऐसी नीति होनी चाहिए जिसमें एकरूपता और तारतम्यता हो।

अधिवक्ता अनिंदिता मित्रा के माध्यम से दायर इस याचिका में कोविड-19 महामारी की वजह से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में राज्यों की सीमायें सील होने की वजह से यातायात पर लगे प्रतिबंध को लेकर कई सवाल उठाये गये थे।

यह भी पढ़े | राजस्थान: बाड़मेर में दो सगी बहनों के साथ दो लोगों ने किया गैंगरेप, अश्लील Photo Viral करने की देते थे धमकी.

पीठ ने कहा कि एक सिफारिश में सुझाव दिया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिये एक ही पास होना चाहिए, जो इन राज्यों में भी मान्य हो।

पीठ ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह इस मामले में आवश्यक निर्देश प्राप्त करें। पीठ इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगी।

हरियाणा की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ को सूचित किया कि राज्य ने अपनी सीमाओं पर आवागमन पर लगे सारे प्रतिबंध हटा लिये हैं।

शीर्ष अदालत ने एनसीआर की सीमाओं को पूरी तरह से सील किये जाने को लेकर दायर याचिका पर 15 मई को केन्द्र और दिल्ली, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था।

याचिका में अनुमति प्राप्त गतिविधियों को भी प्रतिबंधित करने का आरोप लगाते हुये हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जिला प्रशासन की कार्रवाई को असंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि ये प्रतिबंध गृह मंत्रालय के एक मई के नये दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हैं।

अनूप

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)