प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने बुधवार को एसोसिएटेड प्रेस को दिए साक्षात्कार में कहा कि लक्ष्य पूरा करने की जितनी लालसा थी, डर भी उतना ही था।
उन्होंने कहा कि हमें हमें शुरू में ही एहसास हो गया था कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था इस महामारी से निपट नहीं सकेगी और इसी ने हमारा लक्ष्य तय किया।
इस रास्ते में बहुत मुश्किलें आयीं। अगस्त में वायरस को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बढ़ाचढा कर किए दावों के बीच जेसिंडा को अपना बचाव करना पड़ा। ट्रंप ने रैलियों में वायरस संक्रमण के मामलों के फिर से बढ़ने का दावा करते हुए कहा था ,“न्यूजीलैंड के लिए चीजें खत्म हो गई हैं। सब खत्म हो चुका है।”
आर्डर्न ने ट्रंप की टिप्पणियों के संदर्भ में कहा था कि “इस तरह का बयान न्यूजीलैंड की स्थिति की गलत प्रस्तुति थी।’’
यह भी पढ़े | बांग्लादेश की PM शेख हसीना ने कहा, धर्म का उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं होने देंगे.
इसपर व्हाइट हाउस से तुरंत कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी।
जब यूरोप में वायरस का प्रकोप शुरु हुआ तो आर्डर्न ने कहा कि देश बस दो विकल्प पर विचार कर रहे थे। पहला हर्ड इम्युनिटी और कोरोना वायरस की संक्रमण दर स्थिर करना। न्यूजीलैंड ने दूसरा रास्ता चुना।
उन्होंने कहा, “हमने जब शुरुआत की थी तो लगा था कि इसे पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।”
लेकिन उनकी सोच जल्द बदल गई।
लगभग 50 लाख की आबादी वाले न्यूजीलैंड में कोरोना वायरस से केवल 25 मरीजों की मौत दर्ज की गई और तब तक संक्रमण को पूरी तरह से काबू में कर लिया गया।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY