नयी दिल्ली, 11 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सेंट स्टीफंस कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के बीच कथित सीट आवंटन विवाद के बीच अल्पसंख्यक श्रेणी के छात्र को कक्षाओं में उपस्थित होने की अनुमति देने वाले अपने आदेश को वापस लेने से सोमवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा और न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा की पीठ ने डीयू की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें निर्देश वापस लेने की मांग की गई थी। पीठ ने कहा कि अदालत को यह विश्वास दिलाकर “गुमराह” किया गया है कि छात्र पहले से ही कॉलेज में कक्षाओं में भाग ले रहा है।
पीठ ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने दावे के समर्थन में कोई सामग्री नहीं पेश की है। अदालत ने कहा, “हमें (आदेश) वापस लेने की प्रार्थना स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं दिखता।”
उच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर को छात्र को राहत देते हुए अगले आदेश तक उसे कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी थी।
निर्देश का पालन न करने पर डीयू के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की मांग करने वाले छात्र की याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि उसे प्रवेश दे दिया गया है।
उच्च न्यायालय ने पहले स्पष्ट किया था कि जब तक उसके निर्देश को वापस नहीं लिया जाता है, डीयू उसका अनुपालन करने के लिए बाध्य है।
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