कोलंबो, पांच मई श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने देश के तमिल नेताओं को आश्वासन दिया है कि 15 वर्षों से हिरासत में रखे गये राजनीतिक कैदियों को रिहा करने के विषय पर राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के साथ चर्चा करेंगे।
श्रीलंका की मुख्य तमिल पार्टी ‘तमिल नेशनल एलायंस’ (टीएनए) का एक प्रतिनिधिमंडल महिंदा राजपक्षे द्वारा सोमवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद अलग से चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से मिला।
हालांकि सभी सांसदों की इस बैठक का विपक्षी यूनाईटेड नेशनल पार्टी ने बहिष्कार किया क्योंकि सरकार ने उनके सात सुझावों को खारिज कर दिया । इन सुझावों में कोविड-19 से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद की बैठक बुलाना शामिल है।
टीएनए इस बैठक में शामिल होने वाली एकमात्र बड़ी पार्टी है।
टीएनए प्रवक्ता एम ए सुमंतिरान ने मंगलवार को कहा, ‘‘ हमने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए इस मौके को हाथोंहाथ लिया। उत्तर और पूर्व के हमारे प्रतिनिधियों ने क्षेत्रवार अपनी समस्याएं रखीं।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हमने राजनीतिक कैदियों का मुद्दा भी उठाया जिन्हें 10 . 15 वर्षों से हिरासत में रखा गया है।’’
टीएनए नेता ने कहा कि महिंदा ने अपने भाई और देश के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के सामने यह मुद्दा उठाने का वादा किया।
श्रीलंका में कोरोना वायरस के 755 मामले हो गये हैं और आठ मरीजों की मौत हो चुकी है।
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