देश की खबरें | विशू के लिए विशेष किट मतदाताओं को लुभाने का प्रयास: कांग्रेस

कोल्लम/कन्नूर, 25 मार्च कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि 14 अप्रैल को मलयालम नववर्ष विशू के लिए अभी विधानसभा चुनावों से ऐन पहले विशेष किट का वितरण आचार संहिता का उल्लंघन और मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है। हालांकि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता चेन्निथला ने कन्नूर में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘विपक्ष ने मांग की है कि इसे छह अप्रैल (मतदान दिवस) के बाद बांटा जाए। क्या मुख्यमंत्री सोचते हैं कि वह चुनावों से ऐन पहले सारे भोजन किट एक साथ बांटकर लोगों को प्रभावित कर सकते हैं? क्या मुख्यमंत्री को लगता है कि जनता मूर्ख है? अगर विशू किट छह अप्रैल के बाद बांटी जाएं तो कोई दिक्कत नहीं है।’’

केरल में पिछले साल लॉकडाउन लगने के बाद जनता की मदद के लिए कल्याणकारी कदम के तौर पर 88 लाख परिवारों को खाद्य किट का निशुल्क वितरण शुरू किया गया था।

पिछले नौ महीने तक राज्य में सभी परिवारों को यह किट मिल रहे थे, चाहे वे गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हों या गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के राशनकार्ड धारक हों।

इस किट में 17 खाद्य सामग्रियां हैं।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कोल्लम में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने विशू का उल्लेख किया लेकिन चार अप्रैल को पड़ने वाले ईस्टर त्योहार और 14 अप्रैल से शुरू होने वाले रमजान के महीने के बारे में भूल गयी।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे एक महीने में विपक्ष हमसे जनता की सहायता नहीं करने को कैसे कह सकता है। हम कुछ वोटों के लिए किट नहीं बांट रहे हैं। ये जनता के कल्याण के लिए हैं और नीतिगत फैसले के तहत बांटी जा रही हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सरकार पर निशाना साधना चाहता है, चाहे जनता को नुकसान उठाना पड़े।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)