देश की खबरें | लोकसभा अध्यक्ष ने भाजपा सांसद के कार्यवाही से हटाये गए बयान को बहाल किए जाने को उचित बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक न्यूज पोर्टल को विदेशी वित्तपोषण मिलने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद निशिकांत दुबे द्वारा निचले सदन में दिए गए बयान को कार्यवाही में बहाल किए जाने को उचित ठहराया। इससे पहले उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया था।
उदयपुर (राजस्थान), 22 अगस्त लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक न्यूज पोर्टल को विदेशी वित्तपोषण मिलने संबंधी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद निशिकांत दुबे द्वारा निचले सदन में दिए गए बयान को कार्यवाही में बहाल किए जाने को उचित ठहराया। इससे पहले उनके बयान को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया था।
बिरला ने बयान को बहाल किए जाने को उचित ठहराते हुए कहा कि नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत पीठासीन सभापति के पास यह अधिकार है।
बिरला ने यहां संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सदन के नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत लोकसभा के पीठासीन सभापति को किसी सदस्य की टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने या बहाल करने का अधिकार होता है।
दुबे की टिप्पणी बहाल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘पीठासीन सभापति को प्रक्रियाओं के तहत टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने या बहाल करने का अधिकार होता है।’’
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी को निलंबित किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले पर विशेषाधिकार समिति विचार कर रही है और वह इस बारे में निर्णय करेगी और सुझाव देगी।
चौधरी को अनुचित आचरण के लिए मानसून सत्र के अंतिम दिन 11 अगस्त को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था। इस मामले पर विशेषाधिकार समिति विचार कर रही है।
इस मामले में 18 अगस्त को समिति की बैठक में विचार किया गया था और चौधरी को 30 अगस्त को अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
बिरला ने कहा कि उन्होंने पीठासीन पदाधिकारियों से एक राष्ट्र, एक विधायी मंच’ को लागू करने का आग्रह किया है।
वहीं, नौवें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र सम्मेलन के समापन सत्र को मंगलवार को संबोधित करते हुए बिरला ने बदलते परिप्रेक्ष्य में संस्थाओं के भीतर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे संस्थाएं बेहतर परिणाम देंगी तथा अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के द्वारा सुशासन सुनिश्चित हो सकेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान भारत से निकले।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बदलते परिप्रेक्ष्य में, हमें अपनी संस्थाओं के भीतर विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए ताकि हमारी संस्थाएं प्रभावी परिणाम ला सकें।’’
लोकसभा सचिवालय के एक बयान के अनुसार बिरला ने कहा कि डिजिटल माध्यमों से विधानमंडलों को जनता के साथ जोड़कर अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लायी जा सकती है और सुशासन सुनिश्चित किया जा सकता है।
बिरला ने कहा कि भारत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कई विकसित देशों से आगे है और डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी आई है।
लोकसभा अध्यक्ष ने पीठासीन अधिकारियों से आग्रह किया कि ‘एक राष्ट्र एक विधायी मंच’ को लागू किया जाए और विधायकों का क्षमता निर्माण भी किया जाए, जिससे न केवल विधानमंडलों की प्रभावी क्षमता में सुधार होगा, बल्कि विधानमंडलों और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी।
बिरला ने कहा, ‘‘यदि हम अपने देश को विकास और समृद्धि के पथ पर ले जाना चाहते हैं, तो हमें वर्तमान समय की प्रासंगिकता और आवश्यकताओं के अनुरूप अप्रचलित कानूनों के स्थान पर नए कानून लाने होंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम कानूनों में आवश्यक परिवर्तन करके, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के साथ लोगों के जीवन में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन करते हुए विकसित भारत की ओर आगे बढ़ेंगे।’’
उन्होंने विधानमंडलों की गरिमा और मर्यादा में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी गरिमा इस बात पर निर्भर करती है कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विधि निर्माता सदन में कैसा व्यवहार करते हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानमंडलों की गरिमा और प्रतिष्ठा तभी बढ़ेगी जब जनप्रतिनिधि देश और समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा और संवाद करेंगे।
दीपक
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2023 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

