दोनों टीम निर्धारित समय तक 1-1 से बराबरी पर थी। जब मैच पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ रहा था तब स्थानापन्न खिलाड़ी मेरिनो ने 119वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई।
मेरिनो ने गोल करने के बाद कॉर्नर फ्लैग के पास उसी तरह से जश्न मनाया जैसे उनके पिता मिगुएल मेरिनो ने 1991 में यूएफा कप में इसी स्टेडियम में खेले गए मैच में ओसासुना की तरफ से स्टुटगार्ट के खिलाफ गोल करने के बाद मनाया था।
मेरिनो ने मैच के बाद कहा,‘‘मैं जानता था कि बहुत कम समय बचा है और यह हमारी तरफ से आखिरी हमला हो सकता है। कुछ सेकेंड तक तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ कि मैंने गोल कर दिया है। मैं बेहद खुश हूं। हमने कड़ी मेहनत की थी और हमें अपने पर भरोसा था।’’
मेरिनो की विजयी गोल में मदद करने वाले डेनी ओल्मो ने दूसरे हाफ के शुरू में गोल करके स्पेन को बढ़त दिलाई थी। जब लग रहा था कि स्पेन निर्धारित समय में ही जीत दर्ज करने में सफल रहेगा तब फ्लोरियन विर्ट्ज़ ने अंतिम मिनट में गोल करके जर्मनी के प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया था। मैच में तीनों गोल स्थानापन खिलाड़ियों ने किये।
स्पेन सेमीफाइनल में फ्रांस का सामना करेगा जिसने एक अन्य क्वार्टर फाइनल मैच में पुर्तगाल पेनल्टी शूटआउट में हराया।
एपी
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