लखनऊ, 19 फरवरी उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह ने कुछ सदस्यों पर वंदे मातरम गीत का अपमान करने का आरोप लगाया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि कोई भी सदस्य हो, सभी का नैतिक दायित्व है कि वे राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत का सम्मान करें।
उन्होंने कहा,‘‘जो जरूरी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।’’
विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन बुधवार को राकेश प्रताप सिंह ने शून्यकाल में यह मामला उठाया। सिंह ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मंगलवार को जब दोबारा सदन की शुरुआत हुई और वंदे मातरम का गान हो रहा था, तब (विपक्ष की ओर के सुविधा कक्ष में) करीब 10 सदस्य सोफे पर बैठे थे।
उन्होंने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा कि हाथ में संविधान की प्रति लेकर घूमने वाले लोग अगर इस तरह का आचरण करते हैं, तो जांच कराकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिंह ने अध्यक्ष से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज निकालकर ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाना चाहिए।
सिंह ने मामले का ब्यौरा देते हुए कहा कि कल राज्यपाल के भाषण के बाद सदन स्थगित हो गया और फिर साढ़े 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई।
उनका कहना था कि एक व्यवस्था रही है कि राज्यपाल (अभिभाषण के लिए) आएंगी तो जन गण मन का गान होगा और विधानसभा अध्यक्ष पीठ पर आएंगे तो वंदेमातरम गीत होगा।
उन्होंने अध्यक्ष से कहा,‘‘ जब आप सदन में आये और राष्ट्रगान शुरू हुआ तो उस समय मैं गेट तक आ गया था, वहीं खड़े होकर वंदे मातरम गीत गाने लगा लेकिन यह दुर्भाग्य है कि कुछ चुने हुए लोग, जो न संविधान की मर्यादा समझते हैं और न ही लोकतंत्र की व्यवस्था का सम्मान करते हैं, सोफे पर बैठे थे।’’
इस बीच जब एक सदस्य ने टोका कि सदस्यों का नाम सार्वजनिक करिए, तो सिंह ने कहा,‘‘ यह परंपरा नहीं रही है, लेकिन अध्यक्ष कहेंगे तो मैं नाम भी बता दूंगा।’’
सिंह ने कहा कि यहां सीसीटीवी लगा है और सब दिख जाएगा।
उन्होंने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कर ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच सपा सदस्य अतुल प्रधान ने सत्ता पक्ष की लॉबी की ओर इशारा करते हुए कहा कि उधर का (सीसीटीवी फुटेज) भी दिखवा लीजिए।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि यह सूचना बहुत दुखद है।
उन्होंने कहा,‘‘ यह हम सभी को पता है कि जन गण मन या वंदे मातरम गीत हो तो हमें कैसा आचरण करना है। ’’
उन्होंने तंज किया कि यह निर्भर करता है कि लोग किस संस्कार और परंपरा से आ रहे हैं।
खन्ना ने इसे निंदनीय करार देते हुए कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाए और उन पर कार्रवाई हो।’’
सपा विधायक राकेश सिंह ने पिछले वर्ष राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े दिखे थे।
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