लखनऊ, 13 सितंबर आयकर विभाग ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री आजम खान और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कर चोरी की जांच के तहत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 30 से अधिक स्थानों पर छापा मारा।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह छापेमारी उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर, लखनऊ, गाजियाबाद और मेरठ के अलावा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कुछ परिसरों में की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सपा नेता आजम खान और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित कुछ ट्रस्ट और संगठनों से संबंधित है।
सपा ने इस छापेमारी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने आजम और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी को "तानाशाही" और "केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग" करार दिया तथा यह भी कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बिना किसी का जिक्र किए छापेमारी को लेकर सरकार पर हमला किया।
यादव ने एक्स पर लिखा, ‘‘सरकार जितनी कमजोर होगी, विपक्ष पर छापे उतने ही बढ़ेंगे।''
सपा प्रमुख ने यहां जारी एक बयान में कहा, "आजम सच्चाई की आवाज हैं। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव रखी है। शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय बनाया। वह हमेशा सांप्रदायिक ताकतों से लड़ते रहे हैं। आज पूरी समाजवादी पार्टी खड़ी है। भाजपा सरकार केंद्रीय संस्थानों का दुरुपयोग कर रही है।''
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की कार्रवाई ''संविधान और लोकतंत्र विरोधी'' है।
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार लगातार विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है। इससे पहले भी भाजपा ने आजम खान की ईमानदार छवि को धूमिल करने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज कराए थे। बाद में उन्हें अदालत से राहत मिल गई थी।"
उन्होंने कहा, ''भाजपा सरकार विपक्षी एकता और उसके ‘इंडिया’ गठबंधन से डरी हुई है। घोसी विधानसभा उपचुनाव में हार से पूरी भाजपा परेशान है। सरकार जितनी कमजोर होगी, विपक्ष पर छापे उतने ही बढ़ेंगे । सरकार को तानाशाही और केन्द्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद करना चाहिए।''
यादव ने कहा, "भाजपा के लोगों को याद रखना चाहिए कि तानाशाहों का अहंकार निश्चित रूप से खत्म होना है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता लोकतंत्र विरोधी, संविधान विरोधी और तानाशाही आचरण वाली भाजपा सरकार को करारा जवाब देगी।"
सूत्रों ने बताया कि आयकर जांच सपा नेता पूर्व मंत्री आजम और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित कुछ ट्रस्ट से संबंधित है।
इस बीच, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा प्रमुख के बयान को लेकर उन पर पलटवार करते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘भ्रष्टाचार मुक्त भारत के अभियान में सरकारी एजेंसियों को छापा डालने का अधिकार! निर्दोष को छापे से डरने की ज़रूरत नहीं! सपा अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी आप छापा पड़ने से क्यों बिलबिला रहे हो, भ्रष्टाचारी_परिवार_क्लब के सदस्यों को भ्रष्टाचार_मुक्त_भारत बर्दाश्त नहीं हो रहा है!''
गाजियाबाद से मिली रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने राजनगर कॉलोनी स्थित एक आवास पर छापेमारी की। यह घर एकता कौशिक का है, जो आजम खान के परिवार की करीबी बताई जाती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कौशिक जौहर अली ट्रस्ट की देखरेख करती थीं। इस ट्रस्ट ने ही उत्तर प्रदेश के रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया था।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक कौशिक ने आजम के बड़े बेटे अदीब के साथ पढ़ाई की थी। मई 2022 में जब आजम को तबीयत खराब होने पर सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब उन्होंने उनकी देखभाल की थी।
पुलिस उपायुक्त निपुण अग्रवाल ने 'पीटीआई—' को बताया कि कौशिक के आवास पर आयकर विभाग की टीम छापेमारी करने पहुंची। इस दौरान घर के दरवाजे बंद कर दिए गए और किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। आयकर विभाग की टीम के साथ अर्द्धसैनिक बल का एक दल भी मौजूद था। अधिकारियों ने गाजियाबाद जिले की पुलिस से कोई मदद नहीं मांगी।
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