गुवाहाटी, आठ फरवरी असम विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने बुधवार को दावा किया कि कुछ आरटीआई कार्यकर्ता अपने फायदे के लिए सूचना का अधिकार कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ता आरटीआई आवेदन देकर सूचनाएं प्राप्त करने के एवज में लोगों से पैसे ले रहे हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों के सूचना आयुक्तों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए दैमारी ने कहा, ‘‘सूचना आयुक्त तमाम गैरजरूरी आवेदनों से लदे हुए हैं और इस कारण सूचनाएं मुहैया कराने में, खास तौर से महत्वपूर्ण सूचनाएं देने में देरी हो रही है। कुछ लोग अपना धंधा चलाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’
उन्होंने सूचना आयुक्तों से कहा कि वे लोगों में जागरूकता बढ़ाएं कि वे कैसी सूचनाएं मांग सकते हैं और सूचनाएं प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है।
उन्होंने कहा, ‘‘आरटीआई कानून आम जनता को सरकार के पास उपलब्ध सूचनाएं पाने का अधिकार देता है, लेकिन कई ऐसे क्षेत्र हैं जो इस कानून के दायरे में नहीं आते हैं और लोगों को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए।’’
दैमारी ने आशा जतायी कि एक दिवसीय सम्मेलन में कानून के उचित उपयोग में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कानून के उचित उपयोग के लिए बदलाव की आवश्यकता है तो, राष्ट्रीय सूचना आयोग को इस बारे में बताया जा सकता है, जरूरत होने पर संसद इसमें संशोधन कर सकती है।’’
दैमारी ने असम सूचना आयोग की नयी वेबसाइट को भी शुरू किया।
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