देश की खबरें | सूची में शामिल कुछ निजी अस्पताल डीजीईएचएस लाभार्थियों को भरती करने से मना कर रहे : दिल्ली सरकार
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नयी दिल्ली, नौ जून दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के प्राधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उसके संज्ञान में यह लाया गया है कि दिल्ली सरकार कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (डीजीईएचएस) की सूची में शामिल कुछ निजी अस्पताल कोविड-19 मरीजों या संदिग्ध संक्रमितों को बिना भारी रकम जमा कराए, कथित रूप से भर्ती नहीं कर रहे हैं।

मामले पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने दोहराया है कि सूची में शामिल अस्पतालों को समझौते के सभी नियमों का अनुपालन करना चाहिए और कोविड-19 सहित सभी बीमारियों का इलाज करना चाहिए।

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डीजीएचएस ने पिछले महीने जारी आदेश में कहा था कि 50 या इससे अधिक बिस्तरों वाले नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों को 20 प्रतिशत बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिए आरक्षित करना होगा।

डीजीएचएस ने मंगलवार को अपने आदेश में कहा कि संज्ञान में आया है कि निजी अस्पताल कोविड-19 मरीजों के लिए अधिकृत हैं लेकिन उनमे से कुछ अस्पताल डीजीईएचएस लाभार्थियों को भर्ती करने से मना रहे हैं जब तक कि वे भारी-भरकम राशि जमा नहीं कर दें।

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आदेश में कहा कि डीजीईएचएस लाभार्थियों से सामान्य दर से शुल्क लिया जा रहा है न कि डीजीईएचएस से मंजूर शुल्क। पेंशनधारी लाभार्थी जो कैशलेस इलाज के लिए अधिकृत हैं उनका इलाज करने से इनकार किया जा रहा है।

डीजीएचएस ने कहा कि लाभार्थियों को भर्ती करने से इनकार की वजह से बिना कारण इलाज में विलंब और उत्पीड़न होता है।

आदेश में कहा गया कि निदेशालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और दोहराता है कि समझौते के नियमों से विमुख नहीं हो।

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