नयी दिल्ली, 23 जून वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका भारत के कुछ इस्पात और एल्युमिनियम उत्पादों को बाजार में व्यापक पहुंच उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है।
अमेरिका के इस फैसले के बाद इन उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह फैसला दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के तहत लिया गया है। दोनों देशों ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में छह व्यापारिक विवादों को सुलझाने का भी फैसला लिया है।
दोनों देश डब्ल्यूटीओ में जिन छह विवादों को हल करने पर सहमत हुए हैं, उनमें से तीन भारत ने शुरू किए थे, जबकि इतने ही अमेरिका ने। इनमें हॉट-रोल्ड कार्बन स्टील फ्लैट उत्पादों पर प्रतिकारी उपाय, सौर कोशिकाओं और मॉड्यूल से संबंधित कुछ उपाय, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित उपाय, निर्यात-संबंधी उपाय, स्टील और एल्यूमीनियम उत्पादों पर कुछ उपाय शामिल हैं।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि समझौते के तौर पर, अमेरिका व्यापार विस्तार अधिनियम 1962 की धारा 232 के तहत इस्पात और एल्युमिनियम उत्पादों तक बाजार पहुंच प्रदान करने पर सहमत हुआ है।
भारत भी कुछ उत्पादों पर प्रतिशोधात्मक शुल्क हटाने पर सहमत हो गया है।
बयान में कहा गया कि हालांकि, इन उत्पादों पर सभी आयातों पर लागू प्रचलित मूल आयात शुल्क जारी रहेगा।
मंत्रालय ने कहा, यह बाजार पहुंच भारतीय इस्पात और एल्युमिनियम निर्यातकों के लिए 14 जून, 2018 से प्रतिबंधित चल रहे अवसर बहाल करेगी। क्योंकि यूएस 232 उपाय के तहत इस्पात उत्पादों पर 25 प्रतिशत और एल्युमिनियम उत्पादों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया था।
इसमें कहा गया, “बाजार पहुंच के तहत, आगे बढ़ते हुए अमेरिकी वाणिज्य विभाग भारत निर्मित उत्पादों के लिए 70 प्रतिशत इस्पात और 80 प्रतिशत एल्युमिनियम अनुप्रयोगों को मंजूरी देगा।”
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