देश की खबरें | सोशल मीडिया: नाबालिगों की पहुंच नियंत्रित करने के लिये याचिका पर न्यायालय का केन्द्र को नोटिस
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नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने सोशल मीडिया पर नाबालिगों की पहुंच नियंत्रित करने के लिये कानून बनाने और इसका उपयोग कर रहे लोगों की प्रोफाइल के सत्यापन की व्यवस्था करने के लिये दायर याचिका पर मंगलवार को केन्द्र को नोटिस जारी किया।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने कानून के दो छात्रों स्कंद बाजपेयी और अभ्युदय मिश्रा की याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी किया।
याचिका में इन छात्रों ने केन्द्र को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि सोशल मीडिया पर बलात्कार, वीडियो और निजी विवरण की जानकारी हासिल करने तथा इनकी बिक्री के विज्ञापन देने वालों की प्रोफाइल की जांच और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया से हटे।
याचिका में कहा गया है कि सरकार को इस तरह की घटनाओं से निबटने के लिये एक कारगर तंत्र तैयार करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी सामग्री से निबटा जा सके।
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याचिका में कहा गया है कि कानून मंत्रालय को इस बारे में उचित कानून बनाने या मौजूदा कानून में संशोधन भारतीय अधिकार क्षेत्र के प्रति मध्यस्थ संस्थाओं की जवाबदेही बढ़ाई जाये और उन्हें बाल यौन अपराध से संबंधित सामग्री के बारे में अनिवार्य रूप से जानकारी देने के लिये प्रोत्साहित किया जाये।
याचिका के अनुसार इस समय भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की आयु निर्धारित करने संबंधी कोई कानून नहीं है। याचिका में कहा गया है कि अमेरिका में ‘चिल्ड्रेन्स ऑनलाइन प्राइवेसी प्रोटेक्शन कानून’ है जहां 13 साल से कम आयु के बच्चों से संबंधित आंकड़ा तैयार करते समय उसके माता-पिता या अभिभावकों की सहमति ली जाती है।
याचिका में दिल्ली स्थित एक गैर सरकारी संगठन की इसी साल अप्रैल में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुये कहा गया है कि ‘चाइल्ड पोर्न’ जैसे शब्दों की खोज में तेजी से इजाफा हुआ है।
याचिका के अनुसार बाल यौन अपराधों से संबंधित सामग्री, बलात्कार के वीडियो और निजी विवरण की सोशल मीडिया पर उपलब्धता प्रत्येक व्यक्ति के निजता के अधिकार का हनन है।
याचिका में कहा गया है कि सोशल मीडिया से फर्जी प्रोफाइल और कैटफिश अकाउन्ट को खत्म करने तथा इन प्रोफाइल के सत्यापन की व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर सत्यापित प्रोफाइल जिम्मेदारी का अहसास करायेगी और लोगों को आभासी दुनिया के अपराधों से दूर रहने के लिये प्रेरित करेगी।
अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2020 08:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

