नयी दिल्ली, 21 फरवरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में ‘भारत क्यों मायने रखता है’ विषय पर पंडित हृदय नाथ कुंजरू व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अर्थशास्त्र और प्रौद्योगिकी में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला।
एक बयान में कहा गया कि सत्र की अध्यक्षता लेखक अमिताभ मट्टू ने की, जिन्होंने वैश्विक परिदृश्य में भारत की उभरती भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान की, विशेषकर प्रौद्योगिकी और शासन के क्षेत्र में।
अपने मुख्य भाषण के दौरान ईरानी ने सभ्यतागत विरासत के बजाय समकालीन भारत पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने वैश्विक एआई क्रांति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, विशेष रूप से यूपीआई जैसी डिजिटल पहल की सफलता का हवाला दिया।
फ्रांस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में अपनी हालिया भागीदारी के आधार पर उन्होंने एआई की सुलभता और नैतिकता के बारे में गंभीर चिंताएं जताईं।
बयान में कहा गया, “उनके भाषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तकनीकी असमानताओं पर केंद्रित था, एल्गोरिदम की निरंकुशता के खिलाफ चेतावनी दी गई थी और अधिक समावेशी एआई विकास की वकालत की गई थी।”
उन्होंने असमानताओं को उजागर करते हुए कहा, “पुरुष-केंद्रित मोटर वाहन सुरक्षा परीक्षण के कारण कार दुर्घटनाओं में महिलाओं की मृत्यु का जोखिम 44 प्रतिशत अधिक होता है।”
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